शिमला: आठ महीने बाद बैंक खातों में आएगी हजारों विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति
October 17th, 2019 | Post by :- | 198 Views

बाहरी राज्यों में स्थित निजी शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले हजारों विद्यार्थियों के बैंक खातों में एक माह के भीतर छात्रवृत्ति राशि आ जाएगी। 250 करोड़ से अधिक राशि के छात्रवृत्ति घोटाले के चलते सीबीआई के रडार पर आए बाहरी राज्यों के 22 शैक्षणिक संस्थानों की बीते आठ महीने से उच्च शिक्षा निदेशालय ने छात्रवृत्ति रोक दी थी।

अब सीबीआई से मंजूरी मिलते ही साल 2017-18 के छात्रवृत्ति आवेदनों के दस्तावेज को जांचने के लिए छह सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया गया है। यह कमेटी एचपी ई पास पोर्टल पर अपलोड किए आवेदनों का मूल दस्तावेजों से मिलान करने के बाद छात्रवृत्ति जारी करने की मंजूरी देगी। बुधवार से कमेटी ने निदेशालय में दस्तावेजों की जांच करना शुरू कर दिया है।

छात्रवृत्ति घोटाले की जांच की वजह से प्रदेश सरकार ने निजी संस्थानों को दी जाने वाली साल 2017-18 की राशि रोक दी थी। 31 मार्च 2019 तक राशि जारी करनी थी। वजीफा न मिलने से बाहरी राज्यों के निजी संस्थानों ने विद्यार्थियों को डिग्रियां देना बंद कर दिया था। संस्थानों में विद्यार्थियों का प्रवेश भी रोक दिया था। परीक्षाओं के लिए विद्यार्थियों को एडमिट कार्ड भी नहीं दिए।

बीते दिनों बाहरी राज्यों के निजी शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले कई विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों ने शिमला में विरोध प्रदर्शन किया था। विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान भी मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को इसके लिए ज्ञापन सौंपे थे। इसी कड़ी में शिक्षा निदेशालय ने सीबीआई से छात्रवृत्ति जारी करने की मंजूरी मांगी थी।

सीबीआई से आए पत्र में स्पष्ट किया गया कि साल 2017-18 के मामलों की जांच नहीं हो रही है। ऐसे में यह सरकार ने तय करना है कि छात्रवृत्ति राशि देनी है या नहीं। इसके बाद निदेशालय ने छात्रवृत्ति देने की प्रक्रिया शुरू की है। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि सभी दस्तावेजों की गहन पड़ताल करने के बाद जल्द ही पैसा जारी कर दिया जाएगा।

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