शिमला का लाल गुब्बारा देगा पर्यटकों को आइस स्केटिंग की खबर
December 5th, 2019 | Post by :- | 158 Views

राजधानी शिमला के मालरोड पर स्थित ऐतिहासिक टाउनहाल भवन की छत पर अब फिर से लाल गुब्बारा टंगा हुआ दिखेगा। भवन की छत पर गुब्बारा लगाने के लिए आइस स्केटिंग रिंक क्लब ने उपायुक्त अमित कश्यप से अनुमति मांगी है।

अंग्रेजों के समय से सर्दियां शुरू होते ही टाउनहाल की छत पर लाल रंग का गुब्बारा दिख जाता था। सुबह और शाम के समय ये गुब्बारा टाउनहाल ही छत पर टंगा दिखता था। 2014 में जब टाउनहाल की मरम्मत का काम शुरू हुआ तो चार साल से ये गुब्बारा दिखना भी बंद हो गया। यह गुब्बारा 1920 से टाउनहाल की छत पर लगता आया है। गुब्बारा बताता था कि आइस स्केटिंग रिंक में स्केटिंग शुरू हो चुकी है।

ये गुब्बारा उतनी देर ही टंगा रहता था, जितनी देर स्केटिंग होती थी। सुबह और शाम के सेशन के वक्त ये गुब्बारा टाउनहाल पर टंगा होता था। जिस दिन टाउनहाल पर ये गुब्बारा नहीं दिखता था तो उसका मतलब था कि मौसम की वजह से स्केटिंग नहीं हो रही है। मरम्मत पूरी होने के बाद इस साल गुब्बारा लगाने की तैयारी की जा रही है। क्लब के कोषाध्यक्ष पंकज प्रभाकर ने बताया कि 2020 में आइस स्केटिंग रिंक के 100 साल पूरे हो रहे हैं। कोशिश रहेगी कि टाउनहाल के भवन की छत पर नए सेशन से गुब्बारा लग जाए।

अंग्रेजों के जमाने में टाउनहाल के दूसरी तरफ रिवॉली सिनेमा के ऊपर के हिस्से में घना जंगल था। पेड़ों की वजह से रिंक नजर नहीं आता था। तभी अंग्रेजों ने स्केटिंग रिंग के शौकीनों की सुविधा के लिए ये गुब्बारा लगाना शुरू किया ताकि माल रोड पर टहलते हुए स्केटिंग के शौकीनों को पता चल जाए कि रिंक स्केटिंग हो रही है या नहीं। गुब्बारा लटकता देख शिमला घूमने आए शौकिया पर्यटक और स्थानीय लोग भी स्केटिंग का लुत्फ उठाने के लिए स्केटिंग रिंक  में पहुंच जाते थे। सैलानियों की सुविधा के लिए टाउनहाल पर करीब 94 साल तक गुब्बारा लगाया जाता था

गोल्डन जुबली समारोह के लिए तैयारियां

आइस स्केट एशिया का एकमात्र ऐसा रिंक है जहां हर साल जिमखाना और कार्निवल की प्रतियोगिताएं करवाई जाती हैं। इस बार भी मौसम अनुकूल होने की वजह से इसी माह के अंतिम दिनों में प्रतियोगिताएं करवाने की तैयारी है। ऐसे में इन प्रतियोगितओं में नए कार्यक्रम आयोजित करने की भी योजना है।

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