आईएसबीटी ऊना में दुकानदारों ने की हड़ताल, किराया माफी को लेकर शुरू किया संघर्ष #news4
February 1st, 2022 | Post by :- | 308 Views

ऊना : जिला मुख्यालय स्थित आईएसबीटी के दुकानदारों ने आज सुबह दुकानें बंद करते हुए हड़ताल का ऐलान कर दिया। किराया नहीं निकाल पाने के चलते दुकानदारों द्वारा यह कदम उठाया गया है। साथ ही दुकानदारों ने किराया माफी को लेकर भी आवाज बुलंद की है। दुकानदारों का कहना है कि लंबे अरसे से वह किराया नहीं निकाल पा रहे हैं। नवंबर 2019 में आईएसबीटी के लोकार्पण के बाद करीब 4 महीने के भीतर कोविड-19 का गहरा आघात लगने के चलते कारोबार पूरी तरह से चौपट हो गया। उन्होंने कहा कि इस बीच सरकार द्वारा बार-बार लगाई बंदिशों के कारण एक तरफ जहां उन्हें भी कारोबार को बंद रखना पड़ा वहीं दूसरी तरफ आईएसबीटी में लोगों की आवाजाही भी बुरी तरह चरमरा चुकी है। उन्होंने कहा कि आईएसबीटी प्रबंधन वर्ग के साथ हुई बातचीत के बावजूद कोई हल नहीं निकल पाने के कारण अब दुकानदारों के पास दुकानों को ताले लगाने के अतिरिक्त और कोई दूसरा मार्ग नहीं बचा है।

आईएसबीटी में कारोबार चलाने वाले दुकानदारों का कहना है कि कोविड-19 के कारण एक तरफ जहां कारोबार पूरी तरह से ठप हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ उन्हें परिवार पालना तो दूर किराए तक निकालना असंभव होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि हालत यह हो चुकी है कि कई दुकानदारों को अपने काम बंद करते हुए घरों में बैठने पर मजबूर होना पड़ा है। वही जो कारोबारी अभी तक जद्दोजहद कर रहे थे उनकी भी माली हालत बुरी तरह बिगड़ चुकी है। दुकानदारों का कहना है कि एक एक दुकान का भारी-भरकम किराया देना उनके लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। उन्होंने मांग की है कि आईएसबीटी प्रबंधन वर्ग को दुकानदारों की हालत का ख्याल करते हुए किराए में कमी करनी चाहिए। अन्यथा कारोबारियों के हाथ अब खड़े हो चुके हैं उन्हें दुकानें बंद करके जाने के अतिरिक्त और कोई दूसरा विकल्प दिखाई नहीं दे रहा।

दूसरी तरफ आईएसबीटी का संचालन करने वाले एमआरसी ग्रुप के महाप्रबंधक प्रवेश शर्मा का कहना है कि आईएसबीटी प्रबंधन वर्ग के भी अब हाथ खड़े हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी एक नहीं बल्कि तीन-तीन बस स्टैंड का संचालन कर रही है और हर जगह कंपनी को घाटा ही उठाना पड़ रहा है। प्रवेश शर्मा ने कहा कि कोविड-19 के दौरान वर्ष 2020 में अप्रैल से अक्टूबर तक सभी कारोबारियों का किराया एकमुश्त माफ किया गया था और उसके बाद भी सभी दुकानदारों को किराये में भारी छूट दी गई थी। उन्होंने कहा कि अब दुकानों का किराया माफ करना बिल्कुल भी संभव नहीं रह गया है। क्योंकि वो एचआरटीसी को लगातार इसका भुगतान कर रही है सरकार की तरफ से उन्हें कोई रियायत नहीं दी गई है।

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