बर्फ के घर में बिताएं रात, हिमाचली व्यंजनों का लें स्वाद #news4
December 10th, 2021 | Post by :- | 306 Views

मनाली : हिमाचल प्रदेश का नाम आते ही हर पर्यटक के मन में पर्यटन नगरी मनाली का ख्याल आता है। यहां हर ओर प्राकृतिक सौंदर्य मौजूद है। प्रकृति प्रेमियों की चाहत उन्हें कुल्लूू-मनाली व लाहुल के पर्यटन स्थल देखने के लिए खींच लाती है। गगन चूमते पेड़, बर्फ से लकदक वादियों में आकर पर्यटकों को सुकून मिलता है। आप भी अपनी छुट्टियों का गंतव्य कुल्लूू-मनाली को बनाकर देखिए। मनाली का पर्यटन स्थल हामटा सैलानियों का इंतजार कर रहा है। मनाली में अनेक पर्यटन स्थल हैं, लेकिन इनमें हामटा हाल ही में विकसित हुआ है। इस पर्यटन स्थल में आपको अलग ही आनंद का अनुभव होगा। साथ ही, यात्रा भी यादगार साबित होगी। जब से एलाइन दुहांगन विद्युत परियोजना की ओर से हामटा के लिए सड़क का निर्माण किया है तब से पर्यटक यहां सैर-सपाटे के लिए पहुंचने लगे हैं। गर्मियों में सैलानी यहां की वादियों में आकर सुकून पाते हैैं तो सर्दी में बर्फ के घर (इग्लू) में रहने का मजा ले रहे हैं।

हामटा में प्रकृति और रोमांच प्रेमियों के लिए घूमने की बहुत सी जगह हैं। बर्फ से ढके पहाड़, नदी, घाटियां, अद्भुुत कैफे और शांत वादियां आकर्षण का केंद्र हैैं। कुल्लु मनाली में छुट्टियों के दौरान आपको हामटा की यात्रा जरूर करनी चाहिए ।

आकर्षण का केंद्र हैं इग्लू

हामटा की बर्फीली घाटी में खून जमा देने वाली ठंड में इग्लू में रहने का अलग ही मजा है। समुद्रतट से करीब नौ हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित सेथन में बनाए गए इग्लू पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैैं। इग्लू में ठहरने और खाने-पीने की भी अच्छी व्यवस्था है। इग्लू बनाने वाले टशी और विकास ने बताया कि वे कड़ाके की ठंड के बीच बर्फ एकत्र कर कड़ी मेहनत से इग्लू का निर्माण करते हैं। बर्फ पड़ते ही इग्लू बनाएंगे, जो मार्च माह तक रहेंगे। इग्लू में बिस्तर के साथ खाना व चाय आदि की भी व्यवस्था है। इग्लू में रहने के लिए सैलानियों को एडवांस बुकिंग करवानी पड़ती है। एक इग्लू में दो व्यक्ति ठहर सकते हैं। एक रात के ठहरने और खाने के 5,500 रुपये लिए जाते हैं।

सिड्डू व देशी घी विशेष पकवान में शामिल

हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हामटा में पर्यटकों के लिए बनाए विशेष पकवान सिड्डू। जागरण

हामटा पर्यटन स्थल आएं तो यहां के सिड्डू (गेहूं के आटे का व्यंजन) व देशी घी का स्वाद लेना न भूलें। सिड्डू यहां का पारंपरिक व्यंजन है। हामटा व प्रीणी होम स्टे के तहत पंजीकृत हर घर में यह व्यंजन आसानी से मिल जाती है। देशी घी के साथ लाल चावल का स्वाद भी अलग है। शाकाहारी भोजन में लाल चावल व राजमा यहां के खास स्थानीय व्यंजनों में खास है। विशेष रूप से बनाई गई अखरोट की चटनी भी लोग पसंद करते हैैं। ये सभी व्यंजन पर्यटकों को आराम से उपलब्ध होते हैं।

मछली के शौकीनों के लिए ट्राउट

मछली के शौकीनों के लिए कुल्लू-मनाली में ट्राउट मछली विशेष व्यंजनों में से एक है। ट्राउट के असली स्वाद के लिए इसमें कम से कम मसालों का इस्तेमाल किया जाता है। हामटा की ओर आने वाले पर्यटक किसी भी रेस्तरां में ट्राउट का आनंद ले सकते हैं।

पर्यटन के साथ धार्मिक आस्था भी

मनाली से 17 किलोमीटर का सफर करने के बाद हामटा पहुंच सकते हैं। यहां मनोरम दृश्य मन को आनंदित करते हैं। पर्यटकों के लिए हामटा का पांडु रोपा आस्था का प्रमुख केंद्र है। पांडु रोपा का इतिहास पांडवों से जुड़ा है। मान्यता है कि अज्ञातवास के दौरान पांडवों ने यहां समय बिताया था। पर्यटक यहां पहुंचकर पांडवों की कहानी सुनकर खासे उत्साहित होते हैं।

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