सलूणी में राजकीय सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन हुए एसएसबी जवान देवराज #news4
September 1st, 2022 | Post by :- | 66 Views

सलूणी : एसएसबी जवान देवराज का पार्थिव शरीर वीरवार को पंचतत्व में विलीन हो गया है। राजकीय सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव सियुंडा के शमशानघाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। बेटी ने पिता के पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी। इस दौरान शमशानघाट पर देवराज भाई अमर रहे व भारत माता की जय के नारे गूंजते रहे। देवराज के अंतिम दर्शनों के लिए लोगों की काफी भीड़ उमड़ी। इस दौरान न केवल स्थानीय, बल्कि दूरदराज के क्षेत्रों से भी लोग उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए पहुंचे। इससे पूर्व सुबह के समय देवराज का पार्थिव शरीर उपमंडल मुख्यालय सलूणी पहुंचा, जहां पर प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को पैतृक गांव थायियुंडा ले जाया गया।

जैसे ही पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा तो माहौल काफी गमगीन हो गया। इस दौरान पत्नी बेहोश हो गई। पैतृक गांव में कुछ देर पार्थिव शरीर को रखा गया, जहां से उन्हें राजकीय सम्मान के साथ शमशानघाट तक पहुंचाया गया। गौरतलब है कि नेपाल से तस्करी की शराब भारत लाने वाले तस्करों ने बीते सोमवार की रात भारत-नेपाल सीमा से पांच सौ मीटर पहले बिहार के मधुबनी जिला के खुटौना गांव की जोगिया बस्ती के समीप एसएसबी के दो जवानों को स्कार्पियो से रौंद दिया था। इसमें एसएसबी जवान देवराज की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। देवराज जिला चंबा के थाना किहार के तहत थासियुंडा गांव के रहने वाले थे। वह 18वीं वाहिनी के अंतर्गत अर्राहा बीओपी(बार्डर आउट पोस्ट) में हेड कांस्टेबल के पद पर इसी वर्ष जून में तैनात किए गए थे। देवराज अपने पीछे पत्नी शांति देवी सहित तीन बेटियों, एक बेटे व माता-पिता को छोड़ गए हैं। बड़ी बेटी दिव्यांशी किहार स्कूल छठी कक्षा में पढ़ती है, अक्षिता चौथी कक्षा में तथा अमुल्या केजी में पढ़ती है। जबकि, सबसे छोटा बेटा शौर्य है, जो कि अभी मात्र 17 माह का है। पिता जगदीश शर्मा लोक निर्माण विभाग से सेवानिवृत है। जबकि, माता गृहणी हैं। देवराज करीब डेढ़ माह पहले ही छुट्टी खत्म कर ड्यूटी पर लौटे थे।

परिवार ने खोए दोनों बेटे

जगदीश शर्मा के दो बेटे थे। लेकिन, अब दोनों ही उनके पास नहीं हैं। परिवार ने अपना छोटा बेटा कई वर्ष पूर्व खो दिया था। छोटा बेटा लापता हो गया था, जिसके बाद से उसका आज दिन तक कोई भी सुराग नहीं लग पाया है। अब बड़े बेटे के इस तरह से दुनिया को छोड़कर चले जाने से परिवार में मातम का माहौल है। वहीं, अब परिवार की पूरी जिम्मेवारी देवराज के पिता जगदीश शर्मा के कंधे पर आ गई है। परिवार के दो अहम सदस्यों के खो जाने के बाद परिवार के सदस्यों को स्वयं को संभाल पाना काफी मुश्किल होगा। वहीं, क्षेत्र के लोगों में भी देवराज की मौत के बाद शोक की लहर दौड़ गई है। लोग भगवान से यही प्रार्थना कर रहे हैं कि दुख की इस कठिन घड़ी में भगवान शोकग्रस्त परिवार को संभलने की शक्ति प्रदान करे।

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