धूप की मशीन ठीक करने वाले मेकेनिकों के हाथ खड़े
February 28th, 2020 | Post by :- | 163 Views

हमीरपुर – उत्तरी भारत के प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालकनाथ मंदिर दियोटसिद्ध में खराब पड़ी धूप बनाने वाली मशीन ठीक करने आए मेकेनिकों के हाथ खड़े हो गए हैं। मशीन में आई खराबी को बड़े से बड़ा मेकेनिक भी ठीक नहीं कर पा रहा। मशीन की मरम्मत करने आए मेकेनिकों ने साफ कर दिया है कि यह मशीन अब ठीक नहीं होगी। इसमें आई खराबी का दूर करने के लिए लाखों के कलपुर्जे प्रयोग होंगे। ऐसे में प्रशासन ने मशीन को ठीक करवाने की बजाय नई मशीन लेने पर विचार किया है। नई मशीन खरीदने के बाद बाबा बालकनाथ के दर चढ़ने वाले फूलों से धूप बनाया जाएगा। धूप बनाने संबंधी अन्य सामग्री डालकर बाबा की नगरी में भी शुद्ध धूप तैयार किया जाएगा। इसे लेकर योजना भी बनाई जा चुकी है। फिलहाल नई मशीन कब तक आ जाएगी, इस बारे में कुछ कह पाना संभव नहीं। फिलहाल मंदिर न्यास प्रशासन मशीन खरीदने के लिए प्रोपोजल तैयार कर चुका है। बता दें कि दियोटसिद्ध मंदिर में धूप बनाने वाले मशीन कई वर्षों पहले स्थापित की गई है। कुछ समय तक इसी मशीन के माध्यम से धूप तैयार कर बाबा बाकलनाथ की आरती में प्रयोग किया जाता था। इसके साथ ही मंदिर में होने वाले अन्य अनुष्ठानों में भी यही धूप लगाया जाता था। मशीन के खराब होने के उपरांत इसे बनबाने की कोशिश की गई, लेकिन मशीन की सही ढंग से मरम्मत नहीं हो पाई। ऐसे में मंदिर न्यास ने अन्यत्र जगह से धूप खरीदना शुरू किया। हमीरपुर में हुई जिला परिषद की मीटिंग में मुद्दा उठा की मंदिर में घटिया किस्म का धूप प्रयोग हो रहा है। ऐसे में इस धूप का धुआं यहां काम करने वाले कर्मचारियों की सेहत खराब कर सकता है। यह मुद्दा काफी चर्चा का विषय रहा। बाद में मंदिर के लिए नई धूप बनाने वाली मशीन खरीदने पर सहमति बनी है। मंदिर प्रशासन ने एक बार फिर कोशिश की थी कि पुरानी मशीन की मरम्मत हो जाए, लेकिन मशीन को ठीक करने वाले मेकेनिकों ने साफ कर दिया है कि इसकी मरम्मत नहीं होगी। इसके पुर्जें अब जवाब दे चुके हैं। ऐसे में करीब तीन लाख रुपए से नई मशीन खरीदने की योजना बनाई गई है। नई मशीन आने के बाद फिर से मंदिर प्रशासन खुद धूप तैयार करेगा।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे news4himachal@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।