चीड़ की पत्तियों व लैंटाना के कोयले से बिजली बनाने की तरफ बढ़े कदम #news4
May 30th, 2022 | Post by :- | 251 Views

मंडी : हिमालय क्षेत्र के वन अब आग से सुरक्षित होंगे। चीड़ की पत्तियां वनों में आग लगने का कारण नहीं बनेंगी। चीड़ की पत्तियोंं व लैंटाना से तैयार कोयले से बिजली उत्पादन होगा। इससे देश के ताप विद्युत केंद्रों को राहत मिलेगी। कोयले की कमी से बिजली उत्पादन प्रभावित नहीं होगा। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) मंडी के शोधार्थियों ने चीड़ की पत्तियों व लैंटाना से कोयला तैयार करने की तकनीक विकसित की है। इस कोयले का प्रयोग अभी ईंधन के रूप में दुर्गम क्षेत्रों में सर्दी के दौरान किया जा रहा था।

देश के ताप विद्युत केंद्र हर साल कोयले की कमी से जूझते हैं। इससे देश के कई राज्यों को बिजली संकट से जूझना पड़ता है। हिमाचल, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, सिक्किम व अरुणाचल प्रदेश में चीड़ के वन हैं। गर्मी के दौरान चीड़ की पत्तियां सूखने के बाद वनों में आग का कारण बनती हैं। पत्तियों की वजह से घास व अन्य वन संपदा का विकास थम जाता है। तेजी से वन व उपजाऊ भूमि बंजर हो रही है। गर्मी में लैंटाना भी वनों में आग का कारण बन रहा है।

 

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