तीर्थन घाटी की ग्राम पंचायत पेखड़ी में ग्राम सभा का सफल आयोजन, क्षेत्र के विकास कार्यों का खींचा खाका। … #news4
October 9th, 2022 | Post by :- | 110 Views

तीर्थन घाटी की ग्राम पंचायत पेखड़ी में ग्राम सभा का सफल आयोजन, क्षेत्र के विकास कार्यों का खींचा खाका।

मनरेगा के तहत आगामी वित्त वर्ष 2023-24 के लिए करीब 150 विकास कार्यों के प्रस्ताव पारित।

ग्राम सभा की बैठक में नहीं पहुंचे कर्मचारी, ग्रामीणों ने जताया रोष।

ग्राम पंचायत का अपना भवन ना होने के कारण लोग खुले में बैठक करने को मजबूर।

तीर्थन घाटी गुशैनी बंजार (परस राम भारती):-
हिमाचल प्रदेश पंचायती राज विभाग द्वारा ग्राम पंचायतों में एक वर्ष के अंदर जनवरी, अप्रैल, अगस्त और अक्टूबर माह में सामान्यता चार ग्राम सभाएं आयोजित की जाती है। इन सभी ग्राम सभाओं में कार्यवाही के लिए कोरम की पूर्ति होना आवश्यक है। ग्राम सभा की बैठकों में पंचायत का बजट, मनरेगा शेल्फ, लाभार्थियों का चयन व अन्य विकासात्मक कार्यों के प्रस्ताव पारित किए जाते हैं।

इसी कड़ी में शनिवार को बंजार ब्लॉक के अन्तर्गत आने वाली नवगठित ग्राम पंचायत पेखड़ी स्थित गुशैनी में प्रधान पुष्पा देवी की अध्यक्षता में ग्राम सभा की बैठक का सफल आयोजन हुआ। इस अवसर पर ग्राम पंचायत तुंग के प्रधान घनश्याम ठाकुर, ग्राम पंचायत पेखडी और नोहंडा के सचिव उत्तम सिंह, उप प्रधान वीरेंद्र भारद्वाज, पंचायत के सदस्यगण, ग्राम पंचायत नोहंडा के पुर्व प्रधान स्वर्ण सिंह ठाकुर और हिमालयन ईको टूरिज्म सोसायटी के प्रधान केशव ठाकुर आदि विशेष रूप से उपस्थित रहे।

तीर्थन घाटी के केन्द्र बिन्दु गुशैनी स्थित ग्राम सेवक हट के कमरे में पंचायत सचिव उत्तम सिंह द्वारा ग्राम सभा की कार्यवाही शुरू करते हुए सर्वप्रथम बैठक में शामिल लोगों का आभार व्यक्त किया गया। इन्होंने उपस्थित लोगों को ग्राम सभा का महत्व के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि ग्रामीणों और खासकर महिलाओं की भागीदारी के विना विकास कार्यों को धरातल स्तर पर उतारना कठिन है। बैठक में ग्रामीणों की संख्या धीरे धीरे बढ़ती रही और ग्राम सेवक हट के कमरे में लोगों को बैठने के लिए जगह कम पड़ गई। इसलिए प्रधान ग्राम पंचायत द्वारा इस बैठक को अस्पताल भवन के खुले प्रांगण में करवाने का निर्णय लिया गया।

इस खुली बैठक में ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने अपने अपने वार्ड वाइज विचार-विमर्श करके कई विकासात्मक कार्यों को लेकर सर्वसम्मति से निर्णय लिए हैं। इस दौरान ग्राम पंचायत पेखड़ी में आगामी वित्त वर्ष 2023-24 के लिए मनरेगा योजना के तहत करोड़ों रुपए की अनुमानित लागत के करीब 150 विकास कार्यों के प्रस्ताव पारित हुए हैं। ग्रामीणों ने अपने अपने वार्ड के सार्वजनिक और निजी कार्यों को जिसमें मुख्यता पक्के रास्तों का निर्माण, सुरक्षा दीवार, भूमि सुधार, गौशाला निर्माण, सिंचाई टैंक, खेल मैदान आदि कार्यों को मनरेगा शेल्फ में डाला गया है। इसके अलावा लोगों ने परिवार विभाजन, अनापति प्रमाण पत्र, टीडी अधिकार, समाजिक सुरक्षा पेंशन, प्राक्रतिक आपदा से हुए नुकसान की भारपाई जैसे कार्योँ और अन्य मुद्दों पर भी चर्चा परिचर्चा के बाद ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित करवाए हैं।

गौरतलब है कि सरकार की अधिकतर लाभकारी योजनाओं को स्थानीय ग्राम पंचायत के माध्यम से ही आम लोगों तक पहुंचाया जाता है। ग्रामीण लोगों को रोजगार प्रदान करने की दृष्टि से मनरेगा योजना सबसे अहम साबित हो रही है। इस योजना के अंतर्गत लोगों को एक वित्त वर्ष में सरकार द्वारा 120 दिन का रोजगार प्रदान करना सुनिश्चित किया गया है। इसके तहत किए जाने वाले कार्यों के लिए वित्त वर्ष शुरू होने से पहले ही ग्राम पंचायत द्वारा मनरेगा शेल्फ तैयार की जाती है। इस शेल्फ को ग्राम सभा द्वारा अनुमोदित करने के पश्चात ब्लॉक समिति और जिला परिषद द्वारा पारित किया जाता है। वित वर्ष शुरू होने के बाद खंड विकास अधिकारी से कार्य की स्वीकृति मिलने पर प्राकलन तैयार करके तकनीकी स्वीकृति लेने के बाद कार्य शुरू किया जा सकता है।

इस ग्रामसभा की बैठक में पंचायत एरिया के अंतर्गत आने वाले सरकारी विभागों में कार्यरत कर्मचारियों के हाजिर नहीं आने के कारण लोगों में काफी रोष देखने को मिला। कुछ लोग ग्राम सभा की बैठक में कर्मचारिओं से फोन पर बैठक में हाजिर आने बारे बात करते हुए दिखे। लोगों का कहना है कि एक साल में होने वाली चारों ग्राम सभा की बैठकों में पंचायत क्षेत्र के अंदर कार्यरत जल शक्ति विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, राजस्व विभाग, बिजली बोर्ड, स्वास्थ्य विभाग तथा कृषि एवं बागवानी विभाग के कर्मचारियों को हाजिर आना चाहिए ताकि लोगों को सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और विकासात्मक कार्यों की सही जानकारी मिल सके। लोगों ने शासन प्रशासन से मांग की है कि ग्राम सभा की बैठकों में विभागीय कर्मचारियों को हाजिर होना अनिवार्य किया जाए। इसके साथ ही मनरेगा के तहत किए जाने वाले कार्यों की गुणवत्ता में बेहतर सुधार एवं प्रगति लाने की आवश्यकता है।

बंजार ब्लॉक की नवगठित ग्राम पंचायत पेखड़ी के पास अभी तक अपना भवन ही नहीं है। काम चलाने के लिए ग्राम पंचायत की आम बैठकों का आयोजन गुशैनी स्थित ग्राम सेवक हट से ही किया जा रहा है। जबकि ग्राम सभाओं की बैठक को बाहर खुले में ही करना पड़ रहा है। इस पंचायत के लिए नए भवन का निर्माण कार्य अभी तक कागजों में ही अटका हुआ है जिस कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि पंचायत के नए भवन निर्माण कार्य को शुरू करने की प्रक्रिया को गति दिए जाने की आवश्यकता है।

ग्राम पंचायत पेखड़ी की प्रधान पुष्पा देवी का कहना है कि यदि लोग पंचायत प्रतिनिधियों का सहयोग करें तो इस क्षेत्र का भरपूर विकास किया जा सकता है। इन्होने बताया कि विकास कार्यों को धरातल स्तर पर उतारने के लिए गांव में लेबर और मजदूर समय पर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं जिस कारण कार्य को पुरा करने में अविलम्ब हो रहा है। इन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि अपने गांव में हो रहे विकास कार्यों को करने के लिए सभी लोगों को मिलकर आगे आना होगा तभी सही मायने में विकास संभव हो पाएगा।

इस दौरान स्वास्थ्य विभाग पीएचसी गुशैनी में तैनात फार्मासिस्ट सरिता द्वारा पंचायत प्रधान के माध्यम से लोगों को क्लोरिन की गोलियां वितरित की गई। इन्होने बताया कि यह गोलियां स्टोर किए हुए पानी को साफ और जीवाणु रहित करती है जो 20 लीटर पानी के लिए एक गोली तथा 500 लीटर पानी टैंक में 25 गोलियां डाल सकते है। इन्होने बताया कि इन गोलियों को बच्चों की पहुंच से दूर रखें और गोलियां डालने के बाद करीब दो घण्टे तक इस पानी को इस्तेमाल न करें।

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