हिमाचल में को-ऑप्रेटिव यूनिवर्सिटी खोलने का केंद्र से उठाएंगे मामला : सुरेश भारद्वाज #news4
March 26th, 2022 | Post by :- | 98 Views

धर्मशाला : हिमाचल प्रदेश में को-ऑप्रेटिव यूनिवर्सिटी खोलने का मामला केंद्र सरकार के समक्ष उठाया जाएगा। देश भर में पहली को-ऑप्रेटिव सोसायटी हिमाचल के ऊना जिले के पंजावर में 1892 में पंजीकृत हुई थी, ऐसे में पहली यूनिवर्सिटी भी हिमाचल में खोलने की बात रखी जाएगी। वहीं राज्य में कृषि क्षेत्र में भी सहकारिता को बढ़ावा देने के लिए कारगर कदम उठाए जाएंगे। इसके लिए कृषक उत्पादक संगठन बनाए जाएंगे। हिमाचल देश का पहला राज्य है जहां पर कृषक उत्पादक संगठन तैयार करने की प्रक्रिया आरंभ की गई है। शहरी विकास एवं सहकारिता मंत्री सुरेश भारद्वाज ने शनिवार को धर्मशाला में कांगड़ा सहकारी प्राथमिक कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के एक करोड़ 20 लाख की लागत से निर्मित भवन का उद्घाटन करने के उपरांत कहा कि कांगड़ा सहकारी प्राथमिक कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक की स्थापना 1966 में हुई है।

प्रदेश में 4600 सहकारी सोसायटियां पंजीकृत

उन्होंने कहा कि देश भर में सहकारिता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए कई सार्थक कदम उठाए गए हैं। केंद्र में मोदी सरकार का गठन होने के पश्चात सहकारिता मंत्रालय भी अलग से बनाया गया है जोकि पहले कृषि मंत्रालय के अंतर्गत आता था। हिमाचल प्रदेश में 4600 सहकारी सोसायटियां पंजीकृत हैं जबकि इन सहकारी सभाओं के साथ 17 लाख सदस्य जुड़े हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए अब कृषि क्षेत्र में सहकारिता को बढ़ावा देने के लिए प्लान तैयार किया गया है, कृषक उत्पादक संगठन विभिन्न जगहों पर कोल्ड स्टोरेज इत्यादि की व्यवस्था करेंगे। इससे पहले कांगड़ा सहकारी प्राइमरी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के अध्यक्ष कमलनयन शर्मा ने कहा कि बैंक द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध पूरा किया जा रहा है। इस अवसर पर विधायक विशाल नैहरिया, महापौर ओंकार नैहरिया, भाजपा के जिलाध्यक्ष चंद्रभूषण नाग सहित बैंक के विभिन्न अधिकारी तथा निदेशक भी उपस्थित रहे।

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