भारत की गौरवशाली वैज्ञानिक परंपरा को स्थान देने के लिए साथ आगे आएं शिक्षक: प्रो.अग्निहोत्री #news4
March 2nd, 2022 | Post by :- | 112 Views

धर्मशाला : हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (सीयूएचपीटीए) की ओर से राष्ट्रीय विज्ञान दिवस-2022 की पूर्व संध्या पर शाहपुर परिसर में ब्रह्मर्षि वशिष्ठ स्मृति व्याख्यानमाला के तहत उद्घाटन व्याख्यान का आयोजन किया। व्याख्यान की अध्यक्षता संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सलाहकार और हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. कुलदीप चंद अग्निहोत्री ने की।

वहीं बतौर मुख्य वक्ता भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक एवं कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग के सचिव हुए डा. त्रिलोचन महापात्रा ने शिक्षकों को संबोधित किया। उन्होंने भारत में पारंपरिक कृषि के विभिन्न आयामों का वर्णन किया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सलाहकार और हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. कुलदीप चंद अग्निहोत्री ने छात्रों को पढ़ाए जाने वाले लिखित इतिहास पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पराशर, वराह मिहिर आदि हमारे प्राचीन वैज्ञानिकों की ओर से किए गए महान कार्यों का कोई उल्लेख नहीं है।

भारत की गौरवशाली वैज्ञानिक परंपरा को स्थान देने की तत्काल आवश्यकता है। उन्होंने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के शोधकर्ताओं और विभिन्न केंद्रीय विश्वविद्यालयों के शिक्षकों से भारत की गौरवशाली वैज्ञानिक परंपरा का उल्‍लेख करते हुए वास्तविक पाठ्य पुस्तक और संदर्भ पुस्तकें लिखने के लिए साथ आने का आग्रह किया।

वहीं, बतौर मुख्य वक्ता भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक एवं कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग के सचिव हुए डा. त्रिलोचन महापात्रा ने प्रसिद्ध इतिहासकार मेजर एलेक्जेंडर वाकर और भारत के डा. वर्गीज कुरियन का उल्‍लेख करते हुए कहा कि भारत में कृषि की गौरवशाली परंपरा रही है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारतीयों ने बार-बार साबित किया है कि हल किसी और चीज की तुलना में सबसे शक्तिशाली है। यह जंगलीपन और सभ्यता को विभाजित करने वाली रेखा है। उन्होंने बताया कि कैसे पराशर, वराहमिहिर और कई अन्य वैज्ञानिकों के शोध ने कृषि को आकार दिया है, जो भारत में एक व्यवसाय नहीं बल्कि संस्कृति है। शिक्षक संघ के अध्यक्ष डा. राकेश कुमार ठाकुर ने अपने स्वागत भाषण में उक्त व्याख्यान श्रृंखला का उद्देश्य स्पष्ट किया। संघ के सचिव डा. गौरीशंकर साहू ने धन्यवाद प्रस्ताव दिया। डा. प्रीति सिंह, संयुक्त सचिव, हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय शिक्षक संघ ने अतिथियों का परिचय दिया और वरिष्ठ चुनाव आयोग सदस्य डा. जगदीश कुमार ने कार्यक्रम का संचालन किया। लगभग 70 प्रतिभागी ऑनलाइन और 40 प्रतिभागी ऑफलाइन शाहपुर परिसर में उपस्थित हुए।

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