तीज-त्योहार / 18 अप्रैल को किया जाएगा वरुथिनि एकादशी व्रत, इस दिन नहीं खाने चाहिए चावल
April 17th, 2020 | Post by :- | 67 Views

18 अप्रैल को वैशाख मास के कृष्णपक्ष की एकादशी है, इसे वरुथिनी एकादशी कहा जाता है। स्कंद पुराण के अनुसार इस व्रत को करने से हर तरह के कष्ट दूर हो जाते हैं और सुख एवं समृद्धि प्राप्त होती है। इस एकादशी पर भगवान विष्णु के वराह अवतार की पूजा भी की जाती है। वरुथिनी एकादशी व्रत करने से  कठिन तपस्या के बराबर फल मिलता है और पुण्य में बढ़ोतरी होती है।

पूजा और व्रत की विधि

  1. वरुथिनी एकादशी पर सुबह जल्दी उठना चाहिए।
  2. स्नान के बाद भगवान विष्णु के सामने व्रत करने का संकल्प लें, पूजा करें।
  3. पूरे दिन निराहार नहीं रह सकते हैं तो फलाहार कर सकते हैं।
  4. इस तिथि पर भगवान श्रीकृष्ण की भी विशेष पूजा करनी चाहिए।
  5. भगवान विष्णु की पूजा विधि-विधान से करें और विष्णु सहस्रनाम का जाप करें।
  6. पूजा के बाद व्रत की कथा सुननी चाहिए। व्रत के अगले दिन यानी द्वादशी (19 अप्रैल, रविवार) को ब्राह्मणों को भोजन करवाना चाहिए। उसके बाद स्वयं भोजन करना चाहिए।

वरुथिनी एकादशी का महत्व 

शास्त्रों के अनुसार इस व्रत को करने से सभी दानों में श्रेष्ठ अन्न दान और कन्या दान का फल प्राप्त होता है। इस व्रत को करने वाले व्यक्ति को अनेकों वर्षों की तपस्या का फल प्राप्त होता है। इस व्रत को रखने वाले व्यक्ति की सभी इच्छाएं पूर्ण होती हैं। इसके साथ ही इस व्रत को रखने से अश्वमेघ यज्ञ का फल भी प्राप्त होता है। जो भी व्यक्ति ये व्रत रखता है उसे जीवन के सभी सुखों की प्राप्ति होती है और मरने के बाद बैकुंठधाम में स्थान मिलता है।

इन बातों का रखें ध्यान  

  1. व्रत करने वाले को इस दिन चावल और उससे बनी चीजें नहीं खाना चाहिए।
  2. मांसाहार, मसूर की दाल, चने और शहद का सेवन नहीं करना चाहिए।
  3. इस एकादशी को पान नहीं खाना चाहिए।
  4. इस दिन किसी भी तरह का गलत काम नहीं करना चाहिए।
  5. झूठ न बोलें और दूसरों की निंदा न करें। अधर्मी लोगों की संगत से भी बचना चाहिए।
  6. रात को जागरण करना चाहिए और भगवान के भजन गाकर भक्ति करनी चाहिए।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे news4himachal@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।