बजरी से लोड टिप्पर के गुजरते ही धराशायी हुआ पुल, चालक को आईं मामूली चोटें #news4
June 11th, 2022 | Post by :- | 91 Views

जंजैहली : सराज क्षेत्र के अंतर्गत सुधराणी-थाटा सड़क मार्ग को जोड़ने वाला आलीगाड़ नाला पुल लोड टिप्पर के गुजरने के साथ ही धराशायी हो गया। सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण राहत कार्य में जुट गए, वहीं घटनास्थल पर लोक निर्माण विभाग के अधिकारी व कर्मचारी भी पहुंच गए। हादसे में टिप्पर चालक भी घायल हो गया है। जानकारी के अनुसार शनिवार को 12 बजे के करीब बजरी से लदा एक टिप्पर पुल को पार कर रहा था। जैसे ही टिप्पर पुल के आधे हिस्से में पहुंचा तो पुल टूटकर धराशायी हो गया, जिससे बजरी से भरा टिप्पर पुल के साथ नाले में जा गिरा।

ऊंचाई अधिक होती तो हो सकता था बड़ा हादसा
गनीमत यह रही कि पुल की ऊंचाई ज्यादा न होने के कारण कोई जानी नुक्सान नहीं हुआ अन्यथा यहां बड़ा हादसा हो सकता था। हालांकि टिप्पर चालक को मामूली चोटें आई हैं। पुल के टूटने और टिप्पर के गिरते ही आसपास से गुजर रहे लोग घटनास्थल पर पहुंचे और चालक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि उक्त पुल करीब 7 साल पहले धार से गिरीं चट्टानों के कारण काफी हद तक कमजोर हो गया था लेकिन सरकार और प्रशासन ने समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया।

विभाग ने लगाया था चेतावनी बोर्ड
हालांकि पुल पर से अधिक वजन को न ले जाने के लिए विभाग की ओर से चेतावनी दे दी गई थी। ग्रामीणों का कहना है विभागीय चेतावनी के बावजूद यहां कुछ ठेकेदार पुल से ट्राले में एलएनटी मशीनें व रेत-बजरी से लोड टिप्पर आदि ले जाते हैं। पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद सड़क मार्ग से गाड़ियों और राहगीरों की आवाजाही पूरी तरह ठप्प हो गई है।

क्या कहते हैं पीडब्ल्यूडी के अधिकारी 
अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग थालॉट सुरेश कौशल ने बताया कि उक्त नाले पर यह पुल 1967-68 के दौरान बनाया गया था। उस समय इसके निर्माण पर लगभग 30 से 35 लाख रुपए की लागत आई थी। उन्होंने कहा कि स्थिति से निपटने के लिए छोटी गाडिय़ों की आवाजाही को लेकर तुरंत प्रभाव से विकल्प तैयार करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं जबकि भारी वाहनों के लिए कुछ दिन सड़क मार्ग अवरुद्ध रहेगा। 3-4 दिन के भीतर स्पॉट पर नया वैली ब्रिज तैयार करने के प्रयास किए जा रहे हैं। जो हैवी मशीनरी के भार को सहन करने की क्षमता रखेगा।

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