खनियारा मांझी में मोक्षधाम का रास्ता उखाड़कर चला गया ठेकेदार, नगर निगम प्रबंधन मौन #news4
November 8th, 2021 | Post by :- | 305 Views

धर्मशाला : खनियारा मांझी में मोक्षधाम का रास्ता उखाड़कर ठेकेदार चला गया है। काम पिछले पांच महीने से बंद है। लेकिन नगर निगम प्रबंधन मौन है। जो काम चल रहे हैं व अधर में हैं उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। खनियारा में मोक्षधाम का काम 56 लाख रुपये की लागत से हो रहा है और इस कार्य को नगर निगम धर्मशाला की ओर से करवाया जा रहा है। जिसमें कांगड़ा-चंबा के सांसद किशन कपूर ने धनराशि उपलब्ध करवाई है। लेकिन पांच माह से अधिक समय से काम बंद है और यहां अंत्येष्टि स्थल तक शव पहुंचाने के लिए लोगों को दिक्कत हो रही है।

ठेकेदार ने अंत्येष्टि स्थल का रास्ता तक खोद दिया है, जिससे गहरी खाई बन गई है बुजुर्ग लोगों को अंत्येष्टि में शामिल होने के लिए खुद अपनी जान को जोखिम में डालना पड़ रहा है। लेकिन नगर निगम प्रबंधन को इससे कोई लेना देना नहीं हैं। ठेकेदार ने पुराने शमशान घाट को तोड़ दिया है। उस जगह को जेसीबी लगाकर खाली कर दिया है। इसके साथ ही रास्ता भी तोड़ दिया है। साथ ही नए अंत्येष्टि स्थल तक शव को लाने के लिए कोई रास्ता नहीं बचा है। 56 लाख रुपये की लागत से बन रहे इस आधुनिक व सुविधाजनक मोक्षधाम में वर्तमान में सभी सुविधाएं छिन कर रह गई हैं।

ऐसे में खनियारा की विभिन्न संगठनों ने एक सप्ताह के भीतर काम शुरू न होने पर आंदोलन की चेतावनी दे दी है। बटवाल फाउंडेशन खनियारा, जय इंद्रू नाग मंदिर सेवा समिति, अमर शहीद वाटिका समिति ने चेतावनी दी है कि जल्द ही काम शुरू नहीं हुआ तो नगर निगम कार्यालय का घेराव किया जाएगा। इसके बाद आंदोलन क्रमिक भूख हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। इसका खमियाजा नगर निगम प्रबंधन को भुगतना होगा।

यह बोले नगर निगम के आयुक्त

नगर निगम के आयुक्त प्रदीप ठाकुर ने कहा कि यह मामला उनके ध्यान में है। 56 लाख रुपये के करीब राशि मोक्षधामखनियारा मांझी में खर्च हो रही है। ठेकेदार का काम कुछ महीनों से बंद है। बीच में बरसात थी, ठेकेदार को काम जल्द शुरू करने को कहा था, उसने कहा था कि उसकी लेबर अभी यहां नहीं है आएगी तो काम लगा देगा। इस काम की खुद विजिट करेंगे।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे news4himachal@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।