पुण्यतिथि विशेष: हरियाणा में जन्मी थीं देश की पहली महिला अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला
February 1st, 2020 | Post by :- | 186 Views

एक फरवरी 2003, आज की ही वो तारीख था, जब भारत की बहादुर बेटी ने हमेशा- हमेशा के लिए दुनिया को अलविदा कह दिया था. यहां हम बात कर रहे हैं भारतीय-अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री और अंतरिक्ष शटल मिशन स्पेशलिस्ट कल्पना चावला की. वह अंतरिक्ष में जाने वाली प्रथम भारतीय महिला थी.

हरियाणा के करनाल में 1 जुलाई 1961 को जन्मी चावला साल 1997 में पहली बार अंतरिक्ष यात्रा पर गई थीं. इस उपलब्धि के साथ ही वह राकेश शर्मा के बाद अंतरिक्ष यात्रा करने वाली दूसरी भारतीय बनी थीं. आइए कल्पना चावला की 17वीं पुण्यतिथि पर जानते हैं उनके बारे में.

कैसे हुआ था हादसा

16 जनवरी, 2003 को ‘कोलंबिया स्पेस शटल’ से उनकी अंतिम उड़ान शुरू हुई थी. यह 16 दिन का अंतरिक्ष मिशन था, जो पूरी तरह से विज्ञान और अनुसंधान पर आधारित था. अंतरिक्ष में ये कल्पना चावला की दूसरी और आखिरी उड़ान साबित हुई.

जब उनका यान एक फरवरी 2003 धरती की ओर लौट रहा था, उस समय कोलंबिया स्पेस शटल दुर्घटनाग्रस्त हो गया. जिसके बाद कल्पना समेत 6 अंतरिक्ष यात्रियों की मृत्यु हो गई थी. दुनिया के लिए ये खबर किसी बुरे सपने की तरह थी.

‘कोलंबिया स्पेस शटल’ STS-107 उड़ान भरने वाला पहला अंतरिक्ष यान था, इसकी पहली उड़ान अप्रैल 1981 में हुई और इसने दुर्घटनाग्रस्त होने से पहले 27 मिशनों को सफलतापूर्वक पूरा किया था. जिसके बाद 16 जनवरी 2003 को उसकी 28वीं और आखिरी उड़ान साबित हुई.

कौन थे वो सात अंतरिक्षयात्री जिन्होंने ‘कोलंबिया स्पेस शटल’ STS-107 में भरी थी उड़ान ये थे सात अंतरिक्षयात्री

  1. रिक हसबैंड, कमांडर
  2. माइकल एंडरसन, पेलोड कमांडर
  3. डेविड ब्राउन, मिशन स्पेशलिस्ट
  4. कल्पना चावला,मिशन स्पेशलिस्ट
  5. लॉरेल क्लार्क, मिशन स्पेशलिस्ट
  6. विलियम मैककूल, पायलट
  7. इलियन रेमन, इजरायल स्पेस एजेंसी के पेलोड स्पेशलिस्ट

बता दें, कल्पना का अंतरिक्ष यान कोलंबिया शटल STS-107 धरती से महज 16 मिनट की दूरी पर था. उस वक्त यान की धरती से दूरी थी करीब 2 लाख फीट और उसकी रफ्तार 20 हजार किलोमीटर प्रति घंटा थी. कल्पना और उनके दल की वापसी का अमेरिका के टैक्सास शहर में बेसब्री से इंतजार किया जा रहा था.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कोलंबिया स्पेस शटल के उड़ान भरते ही पता चल गया था कि ये सुरक्षित जमीन पर नहीं उतरेगा, तय हो गया था कि सातों अंतरिक्ष यात्री मौत के मुंह में ही समाएंगे. फिर भी उन्हें इसकी जानकारी नहीं दी गई. बात हैरान करने वाली है, लेकिन यही सच है.

इसका खुलासा मिशन कोलंबिया के प्रोग्राम मैनेजर ने किया था. हालांकि इस पूरे मामले पर नासा की ओर से आधिकारिक तौर पर कोई बयान नहीं आया है.

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