कोविड-19 का ग्राफ भले ही अपेक्षाकृत फ्लैट हो लेकिन मामलों में वृद्धि चिंता का विषय : एम्स निदेशक
May 5th, 2020 | Post by :- | 235 Views

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक रणदीप गुलेरिया ने मंगलवार को कहा कि कोविड-19 का ग्राफ अबतक अपेक्षाकृत फ्लैट (समतल) बना हुआ है लेकिन लगातार समान रफ्तार से मामलों में वृद्धि चिंता का विषय है। गुलेरिया ने कहा कि विभिन्न मॉडेलिंग विशेषज्ञों का अनुमान है कि कोरोना वायरस के मामलों की संख्या में चरमोत्कर्ष अगले चार से छह सप्ताह यानी मई के आखिर या जून के मध्य तक हो सकता है, ऐसे में हमें और चौकस रहने तथा हॉटस्पॉट में मामलों की संख्या घटाने की कोशिश करने की जरुरत है।

उन्होंने यह भी कहा, ” देश में सर्दियों में एक बार फिर कोविड-19 के मामले बढ़ सकते हैं लेकिन यह तो वक्त ही बताएगा। उनकी ये टिप्पणियां ऐसे वक्त आयी हैं जब कई राज्या सरकारें गृह मंत्रालय के दिशानिर्देश के अनुसार पाबंदियों में ढील दे रही हैं तथा शराब की दुकानें खुलने दे रही है।

गुलेरिया ने कहा, ” यह ग्राफ लॉकडाउन और अन्य निषिद्ध उपायों से अबतक अपेक्षाकृत रूप से फ्लैट (समतल) रहा है और इसने हमें देश में अपना स्वास्थ्य बुनियादी ढांचा खड़ा करने और परीक्षण सुविधाएं बढ़ाने का समय दे दिया है। उन्होंने कहा, ” लेकिन मामलों की संख्या स्थिर दर से लगातार बढ़ रही है और यह चिंता का विषय है। हर नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी और लॉकडाउन के सिद्धांतों और एक दूसरे से दूरी बनाकर रखने के नियम का ईमानदारी से पालन करना चाहिए खासकर यदि वे हॉटस्पॉट या निषिद्ध में हैं तो।

उन्होंने उन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने पर जोर दिया जहां कोविड-19 के मामले अधिक हैं ताकि वहां से इस वायरस का संक्रमण नहीं फैले। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़े के अनुसार मंगलवार सुबह को पिछले 24 घंटे में देश में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,568 हो गयी और इसके रोगियों की संख्या 42,836 हो गयी।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे news4himachal@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।