कारगिल व 1971 के नायकों के स्वजन किए सम्मानित #news4
July 26th, 2022 | Post by :- | 110 Views

सुजानपुर : देश का वीर सैनिक सरहद पर रक्षा करते अमर हो जाता है, लेकिन परिवार में उसकी कमी कभी पूरी नहीं हो सकती। सरकार उसके परिवार को राशि, मान-सम्मान, नौकरी, सांत्वना सब दे सकती है पर मां को बेटे, पत्नी को पति व बहन को भाई नहीं लौटा सकती।

यह बात पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने टौणी देवी में आयोजित कारगिल विजय दिवस के मौके पर कही। उन्होंने कारगिल युद्ध और 1971 युद्ध के नायकों के परिवारों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि कारगिल विजय दिवस आज पूरा देश मना रहा है। कारगिल युद्ध के जो हीरो थे उन्हें उन्होंने बहुत करीब से देखा है। तब वह मुख्यमंत्री थे। कारगिल युद्ध के दौरान उन्हें भी वहां जाने का मौका मिला। इस युद्ध में सबसे ज्यादा जवान हिमाचल, उत्तराखंड, हरियाणा और पंजाब शामिल हुए थे और हंसते-हंसते उन्होंने शहादत को गले लगाया था।

इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री का पूर्व सैनिकों व उनके पारिवारिक सदस्यों सहित भाजपा मंडल पदाधिकारियों ने गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। बलिदानियों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस मौके पर कैप्टन सुरेश, रंजीत सिंह, सुरेश कुमार, अशोक कुमार, शक्ति चंद, कालिदास, सूबेदार विधि चंद, ओंकार चंद, मेलाराम उपस्थित रहे। इन्हें किया सम्मानित

कारगिल युद्ध के हीरो रहे राकेश कुमार की माता लीला देवी, हवलदार कश्मीर सिंह के पुत्र सुरेंद्र कुमार, दिनेश कुमार के पुत्र शिवम, हवलदार राज कुमार के भाई किशन देव, सुमित कुमार की माता सत्या देवी सहित परिजनों को सम्मानित किया गया। वहीं 1971 युद्ध के हीरो रहे जैसी राम के पुत्र सुनील कुमार, अनिल चौहान के पिता ध्यान सिंह, विधि चंद की पत्नी मलका देवी, परशुराम की बहू उमा देवी, कैप्टन करम चंद के भाई बलि राम, चूहड़ सिंह के पोते कुलवंत सिंह सहित स्वजन को सम्मानित किया।

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