ब्राजील के राष्ट्रपति की प्रधानमंत्री मोदी को चिठ्ठी- भारत से मिली मदद की तुलना हनुमानजी के संजीवनी लाने से की
April 8th, 2020 | Post by :- | 249 Views

भारत ने कोरोनावायरस के खिलाफ लड़ाई में कारगर साबित हो रही मलेरिया की दवा हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन के निर्यात को दोबारा मंजूरी देकर बड़ी पहल की है। ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो ने भी इसकी तारीफ की है। उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिठ्ठी लिखकर धन्यवाद किया। इस चिठ्ठी में बोलसोनारो ने इस मदद की तुलना हुनमानजी द्वारा लाई गई संजीवनी से की है। उन्होंने लिखा- जिस तरह भगवान हनुमान लक्ष्मण की जान बचाने के लिए संजीवनी लाए थे, ठीक उसी तरह भारत ने भी हमें हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन की खेप भेजकर बड़ी मदद की है।
बोलसोनारो ने आगे लिखा भारत और ब्राजील मिलकर इस महामारी से जीतेंगे। उन्होंने कहा कि उनके देश में दो लैब हैं जो कोरोना की वैक्सीन बना रही हैं, लेकिन उनकी सप्लाई पूरी तरह से भारत पर निर्भर है, ऐसे में भारत से मदद की उम्मीद है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने मदद मिलने पर कहा- मोदी बहुत अच्छे हैं
इससे पहले अमेरिकी राष्‍टपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने भी हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन(एचसीजी) की सप्‍लाई के लिए पीएम मोदी को फोन कर मदद मांगी थी। मोदी ने भी उन्हें मदद का भरोसा दिलाया था। लेकिन मंगलवार को ट्रम्प ने भारत को धमकी देते हुए कहा था कि अगर भारत उनके आग्रह के बावजूद दवा नहीं भेजता तो कार्ऱवाई की जाएगी। हालांकि, उनके इस बयान के कुछ घंटों बाद ही भारत ने अपनी जरूरतों को पूरी करने के बाद यह दवा दूसरे देशों को भेजने की घोषणा कर दी। इसके बाद बुधवार को ट्रम्प ने भारत के प्रति अपने रुख को बदलते हुए दवा की खेप भेजने के लिए प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ की। उन्होंने कहा- मैंने भारत से करीब 220 करोड़ में मलेरिया की दवा हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्विन(एचसीजी) की खेप खरीदी है। उन्होंने हमें दवाएं दीं हैं। मोदी महान और बहुत अच्छे हैं। उन्होंने भारत की जरूरतों के लिए यह दवा रोक रखी थी। उनके इस फैसले से चीजें बेहतर हुईं हैं।
भारत ने निर्यात पर से प्रतिबंध हटाया 
सरकार ने 25 मार्च को घरेलू बाजार में उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्विन के निर्यात पर रोक लगाने की घोषणा की थी। सरकार ने देश में कोरोनावायरस के संक्रमण के कारण स्थिति बिगड़ने की आशंकाओं को देखते हुए ये रोक लगाई थी, ताकि देश में इस दवा की कमी नहीं हो। मंगलवार को विदेश विभाग के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा था कि मानवीय आधार पर सरकार ने फैसला लिया है कि हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्विन और पैरासिटामॉल को पड़ोस के उन देशों को भी भेजा जाएगा, जिन्हें हमसे मदद की आस है। भारत ने सोमवार को 14 दवाओं पर लगे प्रतिबंध को हटा दिया है।

भारत से 20 देशों ने हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्विन मांगी
अमेरिका और ब्राजील के अलावा इस दवा के लिए बीस देशों ने भारत से अनुरोध किया है। भारत ने साफ कर दिया है कि पहले वह अपनी जरूरतें पूरी करेगा और इसके बाद ही कंपनियों को निर्यात की मंजूरी होगी।
क्या है हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन?
हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्विन भारत में मलेरिया के इलाज की पुरानी और सस्ती दवा है। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच यह दवा एंटी-वायरल के रूप में इस्तेमाल हो रही है। भारत हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्विन के सबसे बड़े निर्माताओं में से एक है। हालांकि, इसके पुख्ता प्रमाण नहीं है कि एचसीजी कोरोना जैसी महामारी से लड़ने में कारगर है।

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