शिमला जिला के प्राथमिक स्कूलों को जल्द मिलेंगे जेबीटी, परिणाम आने के बाद प्रक्रिया शुरू #news4
September 11th, 2022 | Post by :- | 87 Views

शिमला : शिमला जिला के प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों की कमी जल्द दूर होने वाली है। शिक्षा विभाग ने जेबीटी के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बीते सप्ताह कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर ने पोस्ट कोड-721 के तहत ली गई जेबीटी की परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है। जेबीटी का जिला कैडर होता है। यह नियुक्तियां जिलास्तर पर उप निदेशक के माध्यम से दी जानी है। परिणाम घोषित होने के बाद उप निदेशक कार्यालय ने इसको लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है। किस स्कूल में पद खाली हैं, इसका पूरा खाका तैयार कर दिया है। विभाग का कहना है कि जिन स्कूलों में एक-एक शिक्षक है, पहले वहां पर तैनाती दी जाएगी। विभाग के पास इसका पूरा रिकार्ड आ चुका है। दो सप्ताह के भीतर यह नियुक्ति दे दी जाएगी।

560 पद हैं खाली, 455 जेबीटी के

प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों के 560 पद रिक्त पड़े हैं। ये केवल तीन श्रेणी के हैं। इनमें जेबीटी के 455, हेड टीचर (एचटी) व केंद्र मुख्य शिक्षक (सीएचटी) के आठ पद रिक्त हैं। एसएमसी की तरफ से कई बार इन पदों को भरने की मांग आ रही है। इतनी अधिक संख्या में पद खाली होने से छात्रों को पढ़ाई में परेशानी आ रही है। शिक्षा विभाग एक तरफ स्कूलों में निजी स्कूलों की तर्ज पर शिक्षा देने का दावा करता है लेकिन खाली पदों की संख्या मर्ज बढ़ा रही है। प्रदेश में प्रशिक्षित जेबीटी उपलब्ध होने के बावजूद इन पदों को पिछले चार साल से नहीं भरा जा सका है। लगातार हो रही सेवानिवृत्ति से दिक्कतें ज्यादा बढ़ रही थी। पिछले साल यू डाइस रिपोर्ट के अनुसार जिला के 250 प्राइमरी स्कूल ऐसे हैं, जिनमें एक-एक ही शिक्षक है। 1014 स्कूलों में दो-दो शिक्षक हैं।

इसलिए नहीं भरे गए मामले

शिक्षा विभाग का तर्क है कि जेबीटी का मामला कोर्ट में विचाराधीन होने के चलते पिछले काफी समय से इसमें भर्तियां नहीं हो पाई हैं। कोर्ट का फैसला आने के बाद इसको लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही नियुक्तियां दे दी जाएंगी। इसके बाद स्कूलों में शिक्षकों की कमी नहीं खलेगी।

प्री प्राइमरी को पढ़ाने का काम भी कर रहे जेबीटी

जेबीटी के पद खाली होने से ज्यादा दिक्कत पेश आ रही है। स्कूलों में प्री प्राइमरी कक्षाओं को पढ़ाने का जिम्मा भी जेबीटी को ही सौंपा गया है। कई स्कूल ऐसे हैं, जहां पर एक ही शिक्षक है। वह पहली से पांचवी कक्षा के अलावा प्री प्राइमरी कक्षा को भी पढ़ा रहा है। हालांकि कुछ स्कूलों ने एसएमसी के सहयोग से प्री प्राइमरी कक्षाओं के संचालन के लिए शिक्षक नियुक्त किए हैं।

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