Himachal: मुठभेड़ में बलिदान हुए सैन्य जवान के गांव जा रहा था सैनिक, खड्ड में कार गिरने से मौत #news4
November 27th, 2022 | Post by :- | 102 Views

नेरवा : शुक्रवार देर शाम एक कार हादसे में ड्यूटी के दौरान बलिदान हुए शिल्ला क्षेत्र के मिंडा गांव के नायक राजेंद्र शनिवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। शनिवार को हजारों नम आंखों के बीच उनका पैतृक गांव मिंडा में अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनके छोटे भाई राकेश ने चिता को मुखाग्नि दी। राजेंद्र की तैनाती बारामूला में नायक के पद पर 22 जैक राइफल्स में थी, परंतु इस समय वह प्रतिनियुक्ति पर राजस्थान राइफल्स में जब्बलपुर में सेवाएं दे रहे थे।

दस्तावेज तैयार करवाने जा रहे थे राजेंद्र

सेना के आदेश पर राजेंद्र कुछ दस्तावेज तैयार करवाने के लिए 27 अक्टूबर को आतंकवादियों से हुई मुठभेड़ में बलिदान हुए कुलभूषण के गांव जाने के लिए वीरवार को शिमला पहुंचे थे। शुक्रवार को वह शिमला से अपनी कार से घर की तरफ आ रहे थे। इस दौरान उनकी कार चौपाल से करीब नौ किलोमीटर आगे खगना के नजदीक शिटना में खड्ड में जा गिरी थी। हादसे में राजेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई।

चंडीमंदिर से पहुंची सेना की टुकड़ी ने दी सलामी

शनिवार को सेना मुख्यालय चंडीमंदिर से उनके गांव पहुंची सेना की टुकड़ी ने उन्हें सलामी देकर सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी। बलिदानी राजेंद्र अपने पीछे पिता श्याम सिंह, माता शांता देवी, भाई प्रदीप व राकेश व एक बहन ममता को छोड़ गए हैं। चौपाल के पूर्व विधायक डा. सुभाष चंद मंगलेट एवं वर्तमान चुनाव में चौपाल से कांग्रेस प्रत्याशी रहे प्रदेश कांग्रेस संगठन महासचिव रजनीश किमटा ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदनाएं प्रकट की है।

लाबन में कार पहाड़ी से टकराई, तीन लोग घायल

उपमंडल रामपुर की ननखड़ी तहसील के नालाबन के पास कार हादसे में तीन लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने बताया कि कार सवार ननखड़ी बाजार से रामपुर की ओर जा रहे थे कि नालाबन के पास कार पहाड़ी से टकरा गई। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना ननखड़ी पुलिस को दी। पुलिस ने घायल चालक सुनील मेहता, कपिल देव और चुन्नी लाल को ननखड़ी अस्पताल पहुंचाया। एसडीपीओ रामपुर चंद्रशेखर ने बताया कि हादसे के एक घायल को आइजीएमसी शिमला रेफर किया गया है।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे news4himachal@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।