पेपर सेट करने वाले शिक्षकों को बोर्ड ने किया बाहर, ये है बड़ी वजह
July 18th, 2019 | Post by :- | 173 Views

बोर्ड परीक्षाओं में लापरवाही बरतने वाले अध्यापकों से अब बोर्ड पेपर सेट नहीं करवाएगा। बोर्ड ने प्रदेश शिक्षा विभाग को भी पत्र लिखकर इन लापरवाह अध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई को कहा है।

स्कूल शिक्षा बोर्ड ने मार्च माह में दसवीं और बारहवीं की वार्षिक और जून माह में अनुपूरक परीक्षाओं का संचालन किया था। परीक्षाओं में दोनों कक्षाओं के प्रश्नपत्रों में त्रुटियां पाई गई थीं। जिसके चलते कई प्रश्नों के उत्तर देने में परीक्षार्थियों को मुश्किलें आई थीं।

इसके बाद उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में भी गलतियां सामने आईं। पुनर्मूल्यांकन में कई परीक्षार्थियों के अंक बढ़े हैं। बोर्ड की टॉप-10 सूची में भी बदलाव हुआ था।

अमर उजाला ने जून माह में अनुपूरक परीक्षाओं के प्रश्न पत्रों में त्रुटियों के मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसके बाद बोर्ड प्रशासन ने यह सख्त निर्णय लिया है।

प्रश्न पत्रों में गलतियों और उत्तर पुस्तिकाओं के गलत मूल्यांकन के लिए बोर्ड ने अध्यापकों की लापरवाही को ही वजह माना है। जिसके बाद बोर्ड ने लापरवाही बरतने वाले अध्यापकों की सूची तैयार कर उन्हें भविष्य में पेपर सेटर और मूल्यांकन की जिम्मेदारी से हटाने का निर्णय लिया है।

प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने लापरवाही पर कार्रवाई करने के साथ ही भविष्य में इस तरह के मामलों से निपटने के लिए सुधारात्मक निर्णय लिए हैं। बोर्ड प्रशासन ने अगस्त माह से जिला स्तर पर कार्यशालाओं के आयोजन के निर्देश दिए हैं। इस तरह की कार्यशालाओं में पेपर सेटर और मूल्यांकन करने वाले अध्यापकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। अध्यापकों को पेपर सेट करते समय बरती जाने वाली सावधानियां और मूल्यांकन प्रक्रिया को और बेहतर बनाने के टिप्स दिए जाएंगे।

वार्षिक और अनुपूरक परीक्षाओं के दौरान प्रश्नपत्रों और उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में लापरवाही बरतने वाले अध्यापकों की सेवाएं आगामी परीक्षाओं में नहीं लेने का निर्णय बोर्ड ने लिया गया है। बोर्ड प्रशासन ने जिला स्तर पर कार्यशालाओं के आयोजन का भी निर्णय लिया है। जबकि स्कूल प्रधानाचार्यों की कार्यशाला धर्मशाला में होगी – डॉ. सुरेश सोनी, चेयरमैन, हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ।

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