टैक्स चुकाने बालों को पैंशन नहीं और जो टैक्स नहीं चुकाते उनकी मौज
September 7th, 2019 | Post by :- | 482 Views

हिमाचल में इन दिनों बड़ी बहस छिड़ गई है कि आखिर माननीयों ने विदेश में मौज करने को भी कैसे जमा कोष का धन उड़ाने की ठान ली है। एक सरकारी कर्मचारी जो हर चीज पर टैक्स देता है, उसके लिए पैंशन की बात आती है तो सरकारी खजाने के खाली होने की दुहाई दी जाती है। जबकि वह माननीय जो टैक्स तक नहीं देते, उसी खाली खजाने से विदेश में मौज करने के लिए धन निकाल लेते हैं। यही नहीं जब मन करता है खुद ही खुद की सैलरी और भत्ते बढा लेते हैं।

वर्तमान में एक विधायक का मासिक वेतन 2.10 लाख है. इसमें 55000 बेसिक सैलरी, 90000 चुनाव क्षेत्र भत्ता, 5000 कंप्यूटर भत्ता, 15000 टेलीफोन भत्ता, 30000 आफिस भत्ता और 15000 डाटा एंट्री आपरेटर अलाउंस है. विधानसभा कमेटी बैठकों का टीए अलग है. अब यात्रा भत्ता भी चार लाख सालाना हो गया है.
अब जनता नेताओं से दो चार होने के मूड में दिख रही है। पूरे प्रदेश में जबरदस्त विरोध की लहर चल रही है।

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