रिश्ते में प्यार और भरोसा बनाए रखते हैं ये 6 जरूरी नियम
February 16th, 2020 | Post by :- | 179 Views

जोड़ियां ऊपर वाला बनाता है और उसे निभाने के लिए वचन हम लेते हैं। पर कई बार यह खुशनुमा रिश्ता चिंता, तर्क, मान-अपमान, तरजीह आदि के चलते संतुलन खोने लग जाता है। इस संतुलन को बरकरार रखने के लिए आप दोनों को कुछ नियम अपनाने होंगे, बता रही हैं दिव्यानी त्रिपाठी

रिश्ता सात जन्मों का। सात फेरे और सात ही वचन। एक ऐसा रिश्ता, जिसको निभाने का सबका अपना-अपना तरीका होता है। कोई कहता है कि रिश्ता दिल से निभता है तो कोई कहता है त्याग से। कोई कहता है कि समय के साथ रिश्ते के धागे मजबूत होते हैं तो कोई इसके रंग को जिम्मेदारियों के साथ गाढ़ा होने की बात करता है। कोई कुछ कहता है तो कोई कुछ। पर सच तो यह है कि इन तमाम बातों के साथ ही अगर रिश्ता निभाते वक्त सात नियमों को अपना लिया जाए तो वह न सिर्फ खुशनुमा हो जाएगा, बल्कि जिंदगी में मन-मुटाव की रुकावटों में भी कमी आ जाएगी।

1-हम एक-दूसरे को नहीं कोसेंगे –
गुस्सा किसे नहीं आता? पर इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि गुस्से में आप कुछ भी कहने लग जाएंगी और एक-दूसरे को कोसने लगें, जैसे कि- तुम्हारा नुकसान हुआ, तुम इसी लायक हो, तुम भुगतोगे वगैहर-वगैहर। इस बाबत साइकोलॉजिस्ट  शैफाली अग्रवाल का कहना है कि आपकी जुबान से निकले ये अल्फाज आपके पार्टनर के दिल में बैठ जाते हैं। फिर इसके लिए आप चाहे जितनी भी माफी मांगें, शर्मिंदगी महसूस करें, वह कड़वाहट कम नहीं होती। कई बार ये रिश्ते में काफी प्रतिकूल प्रभाव डाल जाता है।

2-हम मतभेदों का अंत कर लेंगे-  
बेडरूम एक ऐसी जगह है, जहां हम खुद के लिए सुकून चाहते हैं। आप भी कुछ ऐसा ही सोचती होंगी। तो यहां के लिए नियम यह है कि सोने जाने से पहले आप और आपका पार्टनर आपस के तनाव को खत्म करें और समस्या का समाधान निकालें। फिर चाहे समस्या जटिल या तुरंत समाधान न मिलने वाली ही क्यों न हो। ऐसी सूरत में अस्थाई समाधान ही काफी होंगे। ऐसा न करने पर आप रात में चैन से सो नहीं पाएंगी और तनाव का स्तर लगातार बढ़ता जाएगा।

3-बीते कल में नहीं झांकेंगे- 
बीती कड़वी यादें और बीती बातें दोनों ही हमेशा अच्छी नहीं होतीं। कई बार ये आपके रिश्ते में खटास ला सकती हैं। अब आप सोच रही होंगी कि भला वो कैसे? इस बाबत शैफाली कहती हैं कि अपने पार्टनर को बीती बातों का उलाहना देना या फिर हर बार गड़े मुर्दों को उखाड़ना आपके रिश्ते के लिए अच्छा नहीं होता। आपस में तकरार होना लाजमी है पर ऐसे में मुद्दे पर ही रहें। बीती बातों से कोई भी समाधान निकलने वाला नहीं है, बल्कि समस्या और बढ़ जाएगी।

4-जब साथ होंगे, फोन दूर रखेंगे- 
अकसर कपल्स की शिकायत रहती है कि उनके पास खुद के लिए समय ही नहीं है और उनका पार्टनर फोन पर ही व्यस्त रहता है। कम समय के बावजूद आप आपस में अच्छा समय गुजारना चाहती हैं तो फोन को थोड़ी देर के लिए खुद से दूर करने की आदत डालिए। आप ऐसा करेंगी और फर्क दूसरी ओर पड़ेगा। बकौल शैफाली, ऐसे में इंटरनेट और फोन से दूरी बनाएं, बहुत जरूरी न हो तो फोन की कॉल को भी रिसीव नहीं करें। ऐसा करने से आपका पार्टनर आपके द्वारा दी गई तरजीह को महसूस करेगा और वह भी इसे अपनी आदत में शामिल करेगा।

5-हम शिकायतों से दूरी रखेंगे- 
तुम मेरी तारीफ कभी नहीं करते, मैं तुम्हें अपनी समस्या बता रही हूं और तुम सुनते ही नहीं… ये वे शिकायतें हैं, जिनको कभी खत्म नहीं किया जा सकता। ऐसा इसलिए, क्योंकि आप भी जानती हैं कि आप पूरी तरह से सही नहीं हैं। यानी आपके पार्टनर ने आपकी तारीफ भी की होगी और आपकी समस्या भी सुनी होगी। हां, यह हो सकता है कि आपके पार्टनर के प्रयास में थोड़ी सी कमी हो। तो बेहतर होगा कि शिकायत की बजाय प्रयास को महसूस किया जाए। उसमें आपकी भाषा या सवाल आपकी मदद करेगा। जैसे आप मेरी तारीफ करते हैं तो मुझे अच्छा लगता है या क्या मेरी समस्या का हल तलाशने में आप मेरी कुछ मदद कर सकते हैं?

6-बातचीत नहीं करेंगे बंद-
माना कि मौन में शक्ति है। पर रिश्ते में बातचीत पूरी तरह से बंद करने से समस्या कम होने की जगह और ज्यादा बढ़ सकती है। अगर आप भी अपने साथी से हफ्तों तक चुप रहकर समस्या का समाधान निकालना चाहती हैं तो यह आपके ज्यादा काम नहीं आने वाला, बल्कि यह तनाव का कारण बन जाएगा और आपकी दैनिक जिंदगी और कार्यक्षमताओं पर भी असर डालेगा।  इतना ही नहीं, इससे आप दोनों के बीच गलतफहमियां भी बढ़ेंगी। जितनी जल्दी आप मन की गांठ खोलेंगी, रिश्ता उतना मजबूत होगा।

हमें किसी का साथ तभी अच्छा लगता है, जब वह हमें सम्मान दे, जब हमें लगे कि कोई मेरे बारे में भी सोचता है। तो वही आपको भी करना है। एक-दूसरे की पसंद-नापसंद, काम, खूबियों का ख्याल रखना है। एक-दूसरे को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है। कमियां तो सब देखते हैं, पर हमें खूबियों की ओर देखना है। एक-दूसरे को दोष नहीं देना है। जिम्मेदारियों को बराबरी से बांटना है। ऐसा करके आप अपने रिश्ते को एक खूबसूरत शक्ल दे पाएंगी।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे news4himachal@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।