Coronavirus Vaccine: कोरोना की दवा बनाने में जुटा हिमाचल का ये संस्थान
March 24th, 2020 | Post by :- | 135 Views

हिमालय जैव संपदा प्रौद्योगिकी (आईएचबीटी) संस्थान पालमपुर ने कोरोना वायरस से बचने की दवा बनाने पर काम शुरू कर दिया है। वैज्ञानिकों ने शुरुआती तौर पर इसकी दवा बनाने की संभावना जताई है। आने वाले दिनों में सब ठीक रहता है तो आईएचबीटी दो-तीन माह में कोरोना से निजात पाने की दवा तैयार कर सकता है।  आईएचबीटी ने शुरू में इसके लिए कुछ मॉलिक्यूल्स (कई प्रकार के पदार्थ) की खोज भी की है। सूत्रों की मानें तो आईएचबीटी को इसकी दवा तैयार करने में लैब को लेकर कुछ समस्या आ सकती है, लेकिन संस्थान का मानना है कि कोरोना की दवा तैयार करने के लिए आने वाली लैब की समस्या को लेकर यह काम जम्मू या दिल्ली में भी किया जा सकता है। कोरोना से लड़ने के लिए आईएचबीटी बिना केमिकल के हैंड सैनिटाइजर तैयार कर चुका है। संस्थान में अब अगला काम कोरोना की दवा बनाने पर शुरू हो गया है।

आईएचबीटी इससे पहले भी कैंसर और मधुमेह जैसी गंभीर बीमारियों को लेकर बनने वाली दवाइयों में अपना योगदान दे चुका है, जबकि जोड़ों का दर्द और मलेरिया की दवा पर भी शोध चल रहे हैं। उधर, संस्थान के निदेशक डॉ. संजय कुमार ने कहा कि कोरोना की दवा को लेकर फिलहाल संस्थान ने ऐसे मॉलिक्यूल्स की खोज की है, जो कोरोना की दवाई में प्रभावशाली हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले दो-तीन माह में संस्थान दवा बनाने में सफल हो सकता है।

बता दें हिमाचल में कोरोना वायरस से पहली मौत के बाद सरकार ने पूरे प्रदेश में आगामी आदेशों तक लॉकडाउन कर दिया है। लॉकडाउन के चलते अब अगले आदेश तक आवश्यक सेवाओं को छोड़कर किसी भी अन्य सेवा से जुड़े व्यक्ति को घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं होगी। सभी सरकारी कार्यालय, मॉल, फैक्ट्रियां, सार्वजनिक व निजी परिवहन सेवा बंद रहेगी।

इस मियाद के दौरान सिर्फ दूध, ब्रेड, फल-सब्जी, मीट, अन्य कच्चा खाद्य पदार्थ व राशन बेचने वाली दुकानें, अस्पताल, मेडिकल स्टोर, साबुन बनाने वाले उद्योग व उनके परिवहन, पेट्रोल पंप, एलपीजी गैस सप्लाई व उनके गोदाम व उनके परिवहन, दवाओं की डिलीवरी, मास्क व सैनिटाइजर बनाने वाली कंपनियों के लिए कच्चे माल का परिवहन हो सकेगा।

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