छात्राओं का यह स्मार्ट मेडिसिन बॉक्स दवा खाने के लिए करेगा अलर्ट
March 7th, 2020 | Post by :- | 281 Views

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के जोगिंद्रनगर उपमंडल के तहत आने वाले सीनियर सेकैंडरी स्कूल चौंतड़ा की 10 वीं कक्षा की छात्रा रितिका (Ritika) और नौंवी कक्षा की छात्रा रश्मि (Rashmi) ने स्मार्ट मेडिसिन बॉक्स (Smart Medicine Box) बनाकर देश भर में ना सिर्फ खुद का बल्कि स्कूल और इलाके का नाम भी रोशन किया है. यह सब अटल टिंकरिंग लैब के कारण संभव हो पाया है. केंद्र सरकार के अटल इनोवेशन मिशन के तहत स्कूलों में चलाई जा रही टिंकरिंग लैब के कारण स्टूडेंट नए प्रयोग करने में विशेष दिलचस्पी दिखा रहे हैं.

दिन में चार बार अलर्ट देगा यह मेडिसिन बॉक्स

चौंतड़ा स्कूल में इस लैब को वर्ष 2016 में स्थापित किया गया है. इस स्कूल की छात्रा रितिका और रश्मि ने लैब प्रभारी संदीप वर्मा के मार्गदर्शन में कुछ नया करने की सोची. रितिका बताती हैं कि स्मार्ट मेडिसिन बॉक्स बनाने का आइडिया उन्हें अपने बुजुर्गों से मिला. उन्होंने देखा कि बुजुर्ग अक्सर समय पर दवाई लेना भूल जाते हैं जिससे उनके स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता है. इस बात को ध्यान में रखकर रितिका और रश्मि ने स्मार्ट मेडिसिन बॉक्स का निर्माण किया है. यह बॉक्स मरीज को दिन में चार बार दवाई लेने के लिए अलर्ट देने का काम करता है.

दोनों छात्राओं पिता करते हैं मजदूरी

इस मॉडल को रितिका और रश्मि जिला, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित कर चुकी हैं. राष्ट्रीय स्तर पर इस मॉडल की काफी प्रशंसा हुई और केंद्र सरकार ने भी इसे खूब सराहा है. रितिका और रश्मि एक साधारण परिवार से संबंध रखती हैं. दोनों के पिता पिता मजदूरी कर परिवार का भरण—पोषण करते हैं. अटल टिंकरिंग लैब ने इन बेटियों की सोच को हकीकत में बदलने का कार्य किया है।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे news4himachal@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।