हजारों लोगों ने शहीद को दी अंतिम विदाई, अमित शर्मा अमर रहे से गूंजा तलासी गांव
January 16th, 2023 | Post by :- | 56 Views

हमीरपुर : जम्मू-कश्मीर में ड्यूटी के दौरान दुर्घटना में शहीद हुए जिला हमीरपुर के गांव तलासी खुर्द के शहीद सैनिक अमित शर्मा (23) का सोमवार को पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। स्थानीय विधायक आशीष शर्मा व जिला प्रशासन की ओर से ए.डी.सी. जितेंद्र सांजटा सहित सैन्य अधिकारियों ने अमित शर्मा के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित करके श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर थल सेना की टुकड़ी ने उच्च सैन्य परंपराओं के अनुसार अमित शर्मा को अंतिम विदाई दी तथा उनके पिता विजय कुमार को राष्ट्रीय ध्वज सौंपा। सुबह साढ़े 11 बजे के करीब शहीद अमित शर्मा की पार्थिव देह उनके पैतृक गांव पहुंची।

जानकारी के अनुसार शहीद का पार्थिव शरीर रविवार शाम को हवाई मार्ग से चंडीगढ़ में सेना कैंप में पहुंचा दिया था, जहां से सोमवार सुबह सैन्य अधिकारी पार्थिव देह को सरकारी वाहन में लेकर चले। सोमवार सुबह 7 बजे से ही शहीद के गांव में बड़ी संख्या में लोग श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंच गए थे। अमित शर्मा भारतीय थल सेना की 14 डोगरा रैजीमैंट में भर्ती हुए थे और जम्मू-कश्मीर में तैनात थे। वह अभी अविवाहित थे।

जब तक सूरज-चांद रहेगा, अमित तेरा नाम रहेगा
हजारों की तादाद में लोग शहीद को अंतिम विदाई देने उनके घर पहुंचे हुए थे और शहीद अमित शर्मा अमर रहे, अमर रहे, जब तक सूरज चांद रहेगा, अमित तेरा नाम रहेगा के नारे युवाओं ने लगाए।

एक सप्ताह से घर पर नहीं जला चूल्हा
पिछले 6 दिन से परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल था तथा एक सप्ताह से घर में चूल्हा भी नहीं जला है। सोमवार को जैसे ही शहीद की पार्थिव देह घरपहुंची तो हर तरफ चीखपुकार से माहौल गमगीन हो गया। मां बेसुध होकर गिर पड़ी जिसे गांव की महिलाओं ने संभाला। वहीं, बहन प्रियंका भाई की पार्थिव देह से लिपट-लिपट कर रोई।

हर समय परिजनों का करता था जिक्र : दिनेश
शहीद अमित शर्मा के साथ आर्मी ट्रेनिंग करने वाले बरठीं (बिलासपुर) के सैनिक दिनेश धीमान ने बताया कि शहीद अमित शर्मा शांत स्वभाव का था। उनसे ट्रेनिंग के दौरान काफी कुछ सीखने को मिला था। हर समय अपने परिजनों का जिक्र करता था। अपनी मां से शहीद अमित शर्मा को बेहद लगाव था।

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