बीजिंग शीतकालीन ओलंपिक के विरोध में तिब्बती बाइक रैली धर्मशाला से दिल्‍ली हुई रवाना #news4
January 10th, 2022 | Post by :- | 94 Views

धर्मशाला : बीजिंग शीतकालीन ओलंपिक के विरोध में तिब्बती बाइक रैली धर्मशाला से दिल्ली के लिए रवाना हो गई। बीते रोज यह रैली भारी बारिश व ठंड के बावजूद बैजनाथ से होते हुए धर्मशाला पहुंची थी। आज सुबह यह रैली धर्मशाला से दिल्ली के लिए वापस लौट गई। बताया जा रहा है कि यह रैली बंगलूरू से शुरू हुई थी जिसमें 14 तिब्बती युवा कार्यकर्ता सात बाइक के साथ हिस्सा ले रहे हैं। इससे पहले दस दिसंबर को क्षेत्रीय तिब्बती युवा कांग्रेस दिल्ली ने मानवाधिकारों के उल्लंघन पर बीजिंग 2022 ओलंपिक के बहिष्कार करने के लिए बंगलूरू से दिल्ली तक अपनी क्रास कंट्री बाइक की शुरूआत की थी।

यह रैली दस दिसंबर को दिल्ली से शुरू हुई थी और दिल्ली में ही समाप्त हो रही है। शीतकालीन ओलंपिक के विरोध के संदेश के साथ दस अलग-अलग जगहों पर पहुंचने के बाद यह रैली बैजनाथ व मैक्लोडगंज पहुंचने के बाद वापस लौट गई। तिब्बति तेंजिन ने कहा कि वह चाहते हैं कि बिजिंग में होने वाली शीतकालीन ओलंपिक का बहिष्कार किया जाए। यह सिर्फ ओलंपिक खेल नहीं है बल्कि यह नरसंहार है। तिब्बत में मानवाधिकारों की उल्‍लंघन हो रही है। तिब्बती युवा कांग्रेस के सचिव सोनम ने कहा कि ओलंपिक खेल खिलाड़ी के लिए खेल भावना सहित प्रेेम, शांति व गोरव का खेल है पर चीन यह सब नहीं जानती। लगातार तिब्बत में मानवाधिकारों का उल्‍लंघन कर रही है।

रैली का मुख्य उद्देश्य बीजिंग में होने वाली विंटर ओलंपिक को रद्द करना, पंचेन लामा और अन्य तिब्बती राजनीतिक कैदियों की रिहाई, 167 तिब्बती कार्यकर्ता जिन्होंने तिब्बत की आजादी के लिए अपनी जान दी है उनकी सुनवाई करना और तिब्बत एक स्वतंत्र राष्ट्र है उसे इस स्वतंत्र ही रखना उनकी मुख्य मांग है।

रैली का नेतृत्व कर रहे रीजनल तिब्बतन यूथ कांग्रेस दिल्ली के सचिव तेजिंन थुडेन ने बताया कि रैली में उन्हें भारत के लोगों का भी काफी समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि तिब्बत पर कब्जा करने के बाद चीनी कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा तिब्बत की संस्कृति और परंपराओं को नष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है। किसी किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। आज विंटर ओलंपिक को लेकर चीन का हर जगह विरोध किया जा रहा है।

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