महिला सशक्तिकरण के लिए सकारात्मक एवं प्रगतिशील सोच अपनाएं और प्रदेश में लिंगानुपात को संतुलित करने के लिए कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुरीति को दूर करने का संकल्प लें : सत्यदेव नारायण
March 8th, 2019 | Post by :- | 324 Views

चंडीगढ़, ( महिन्द्र पाल सिंहमार )      ।  हरियाणा के राज्यपाल श्री सत्यदेव नारायण आर्य ने नागरिकों व समाजसेवी संस्थाओं का आहवान किया है कि वेे महिला सशक्तिकरण के लिए सकारात्मक एवं प्रगतिशील सोच अपनाएं और प्रदेश में लिंगानुपात को संतुलित करने के लिए कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुरीति को दूर करने का संकल्प लें तथा बेटियों को जीवन में आगे बढऩे का अवसर प्रदान करें।

राज्यपाल आज पंचकूला में अंर्तराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से आयोजित राज्य स्तरीय समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने महिला हैल्पलाईन टोल फ्र्री न0 181 तथा यौन उत्पीडऩ टूलकिट का भी लोकार्पण किया। समारोह में प्रदेश भर की 23 महिलाओं को विभिन्न शौर्य पुरस्कारों से सम्मानित किया। महिलाओं के लिए क्रियान्वित पोषण योजनाओं के सफल क्रियान्यन के लिए एवं सुधार हेतू पंचकूला के उपायुक्त डा.बलकार सिंह, रेवाडी के उपायुक्त अशोक कुमार शर्मा व कुरूक्षेत्र के उपायुक्त डा. एस एस फुलिया को सम्मानित किया। इसके अलावा लिंगानुपात में सुधार लाने पर जींद के उपायुक्त आदित्य दहिया, रेवाड़ी के उपायुक्त अशोक कुमार शर्मा व महेन्द्रगढ की उपायुक्त डा. गरीमा मितल को भी सम्मानित किया।

राज्यपाल ने अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस की हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि ‘‘यत्र नार्यस्तु पूजयन्ते, रमन्ते तत्र देवता, जहां नारी का सम्मान होता है वहां देवताओं का वास होता है। भारतीय संस्कृति में नारी को देवी का स्थान दिया गया है। देश में माँ दुर्गा को शक्ति की देवी, लक्ष्मी को धन की देवी, सरस्वती को विद्या और ज्ञान की देवी माना गया है। साथ ही साथ माता सीता, पार्वती, सावित्री व माँ काली का नाम भी श्रद्धा पूर्वक लिया जाता है और घर-घर में उनका पूजन होता है।

उन्होंने कहा कि देश और समाज के निर्माण में महिलाओं की अहम् भूमिका होती है। महिलाओं की रचनात्मक भूमिका के बिना समाज का विकास संभव नहीं है। हमारे वेद और ग्रंथ नारी शक्ति के योगदान से भरे पड़े हैं। झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, महारानी अहिल्याबाई होल्कर व रानी दुर्गावती ने अपनी वीरता का परिचय देकर विश्व को नारी की ताकत दिखाई थी। 21वीं सदी में भारत की चहुंमुखी प्रगति में महिलाएं हर क्षेत्र में पुरूषों के साथ कदम से कदम मिलाकर योगदान दे रही हैं।

राज्यपाल ने कहा कि प्रजातांत्रिक प्रणाली में महिलाओं को सम्मानित स्थान देने के लिए सरकार ने पंचायती राज व्यवस्था में आरक्षण का प्रावधान किया है। आरक्षण मिलने से देश व प्रदेश के विकास में महिलाओं का उल्लेखनीय योगदान रहा है और महिलाएं सशक्त हुई है। देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। प्रधानमंत्री मातृ योजना, उज्जवला योजना, महिला हेल्पलॉइन, नारी शक्ति पुरस्कार योजना, निर्भया योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढाओ सबका साथ -सबका विकास आदि इन योजनाओं का लाभ उठाकर महिलाएं आगे बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि हरियाणा नें भी महिलाओं के लिए क्रियान्वित योजनाओं को कारगर ढंग से लागू कर महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी गई है। यह गर्व की बात है कि ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान में तो हरियाणा ने उल्लेखनीय उपलब्धि प्राप्त की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की महिलाएं 69 प्रतिशत उच्च शिक्षा में शिक्षित है जो पूरे देश में सर्वाधिक है।
समारोह को सम्बोधित करते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती कविता जैन ने कहा कि नारी शक्ति को समर्पित दिवस पर वे हरियाणा की नारियों से मिलकर अभिभूत एवं गौरवान्वित हो रही है। प्रदेश की महिलाओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना परचम लहराया है। यह आयोजन केवल एक दिन तक सीमित नहीं होना चाहिए बल्कि हर दिन, हर पल, हर त्यौंहार महिलाओं की आस्था, विश्वास, समृद्वि का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि नारी वह शक्ति, अद्घभूत रचना है जो देश व दुनिया का रास्ता सजग करती है। इसे संजोकर नारी शक्ति आगे बढती रहती है।

महिला एवँ बाल विकास मंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार ने महिलाओं को सम्मान देने के साथ साथ कन्या भ्रूण हत्या जैसी घिनौनी हरकतों को रोककर न केवल गर्भ में कन्याओं को सुरक्षित करने का कार्य किया है बल्कि उन्हें बेहतर और सुरक्षित माहौल देकर उन्हें शिक्षित किया है। प्रदेश के 48 साल के इतिहास में केवल 32 कालेज खोले गए जबकि वर्तमान सरकार ने केवल चार साल में 36 महिला कालेज खोलकर रिकार्ड कायम किया है। प्रदेश में सबसे अधिक महिला पुलिसकर्मी भर्ती किए हैं तथा दुर्गा शक्ति एप, दुर्गा वाहिनी जैसी योजनाएं क्रियान्वित की गई।

श्रीमति जैन ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में साढे तीन लाख व शहरी क्षेत्रों में 70 हजार शौचालयों का निर्माण करवा प्रदेश को खुले में शौच मुक्त किया गया जिसका सबसे अधिक लाभ महिलाओं को मिला। इसके अलावा, 25 हजार से अधिक स्वंय सहायता समूह खोलकर मुद्रा योजना के तहत 60 प्रतिशत ऋण देकर लाखों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया गया है। पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत की बजाय 42 प्रतिशत आरक्षण मिला है। उन्होंने कहा कि नारी को ओर अधिक सम्मान दें ताकि भावी पीढी संस्कारी बनें और एक सभ्य एवं विकसित समाज का निर्माण सम्भव हो।

समारोह को सम्बोधित करते हुए सांसद रतन लाल कटारिया ने कहा कि 111 साल पहले महिलाओं ने न्यूयार्क में रैली के माध्यम से अधिकार मांगे तथा 1975 में इस दिवस को मान्यता मिली। तब से लेकर इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज व रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने न केवल राजनीति में विश्व स्तर पर पहचान बनाई बल्कि अपने अपने मंत्रालयों में भी उन्होंने अपनी प्रतिभा को बखूबी सिद्व किया है। गत दिनों पाकिस्तान सीमा पर देश की महिला रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने सेना का मनोबल बढाया और लोकसभा में भी उन्होंने महिलाओं के अनेक मुददे उठाए है। ं

इस अवसर पर महिला एंव बाल विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव वी. राजशेखर वुंदू्र व महानिदेशक कैप्टन मनोज ने स्वागत एवं धन्यवाद ज्ञापित किया। समारोह में महिला आयोग की चेयरमैन प्रतिभा सुमन, सदस्य प्रीति भारद्वाज, भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य बंतो कटारिया, राज्यपाल के सचिव विजय सिंह दहिया, उपायुक्त डा. बलकार सिंह, डीसीपी कमलदीप गोयल, अतिरिक्त उपायुक्त उतम सिंह सहित कई अधिकारी एवं भारी संख्या में प्रदेश भर से आई महिलाएं मौजूद रही।

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