चौहाटा बाजार की जातर में कल लोगों को आशीर्वाद देंगे देवी-देवता, स्‍वर्गलोक जैसा दिखेगा नजारा #news4
March 7th, 2022 | Post by :- | 140 Views

मंडी : अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव मंडी में भाग लेने वाले देवी-देवता मंगलवार को बाबा भूतनाथ के प्रांगण में सजने वाली चौहाटा की जातर के बाद वापस अपने देवालयों को लौटेंगे। महोत्सव के अंतिम दिन जिलेभर से आए देवी-देवता चौहाटा बाजार में विराजमान होंगे। यहां न सिर्फ जिलेभर के बल्कि प्रदेश और देश के विभिन्न राज्यों से आए लोग देवी-देवताओं के दर्शन करके उनका आशीवार्द प्राप्त करेंगे। सात दिन के बाद सभी देवी-देवता अपने मूल स्थानों के लिए रवाना होेंगे।

चौहाटा बाजार में सजने वाली जातर से यहां का नजारा देख ऐसा प्रतीत होगा मानों धरती पर स्वर्गलोक उतर आया हो। सोने चांदी और मखमली कपड़ों से सजे देवरथ सहज ही दिल मोह लेंगे। हर व्यक्ति इन ऐतिहासिक पलों को अपने कैमरों में संजो लेगा। क्योंकि यह नजारा अब एक वर्ष बाद देखने को मिलेगा। देवदर्शन के साथ लोग विदाई लेते देवी-देवताओं के भावुक क्षणों के गवाह भी बने। विदाई के इन पलों में देव और मानस की रिश्तों की पराकाष्ठा भी चरम पर दिखेगी।

टारना से उतर सेरी चानणी आएंगे आराध्य देव कमरूनाग

जनपद के आराध्य देव कमरूनाग भी टारना मंदिर का अपना आसन छोड़ कर देवी देवताओं को विदा करने के लिए चौहटा की जातर में आएंगे। देव कमरूनाग कुछ देर के लिए सेरी चानणी की पाैड़ियों में अपना आसन जमाएंगे। यहां हजारों लोग उनके दर्शन करेंगे।

उतरशाल के देव आदि ब्रह्मा छोटी काशी को बांधेंगे सुरक्षा कवच

शिवरात्रि महोत्सव के समापन से पहले उतरशाल के देव आदि ब्रह्मा छोटी काशी को सुरक्षा कवच से बांधेंगे। यह परंपरा कई वर्षों से चली आ रही है। इसका शिवरात्रि के अंतिम दिन निर्वहन किया जाता है। बताया जाता है कि रियासतकाल दौर में मंडी में कोई बीमारी फैल गई थी। राजा ने सभी देवी देवताओं से बीमारी का इलाज करने की गुहार लगाई थी। इसके बाद देव आदि ब्रह्मा ने छोटी काशी में सुरक्षा कार लगा बीमारी से निजात दिलाई थी।

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