आज रात 12 बजे से देशभर में 21 दिन का लॉकडाउन होगा……
March 24th, 2020 | Post by :- | 178 Views

प्रधानमंत्री ने मंगलवार रात 8 बजे देश को संबोधित किया. उन्होंने कोरोना वायरस से मुकाबले के लिए देश में आज रात 12 बजे से 21 दिन के लॉकडाउन का एलान किया. उन्होंने कहा कि देश को कोरोना के संक्रमण से बचाने के लिए हमें सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखना होगा. आज रात 12 बजे रात से घर से निकलने पर पूरी तरह पांबदी लगाई जा रही है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह लॉकडॉउन एक तरह से कर्फ्यू ही है. उन्होंने कहा कि कोरोना भयावह है. इसे एक लाख पहुंचने में 67 दिन लगे. फिर इसे दो लाख लोगों तक पहुंचने में सिर्फ 11 दिन लगे. दो लाख से तीन लाख तक पहुंचने में सिर्फ 4 दिन लगे. आप अंदाजा लाग सकते हैं कि यह कितनी तेजी से फैलता है.
जब यह फैलता है तो इसे रोकना मुश्किल होता है. यही वजह है कि जब अमेरिका, चीन इटली में यह फैलना शुरू किया तो हालात बेकाबू हो गए. इटली जैसे देशों में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतरीन है. फिर भी ये देश इसे संभाल नहीं पाए.
उम्मीद की किरण उन देशों से मिले अनुभव है, जो कोरोना को नियंत्रित कर पाए. इन देशों में लोगों ने सरकारी निर्देशों का पालन किया. अब ये देश इस बीमारी से बाहर आ रहे हैं.
हमें यह मानकर चलना चाहिए कि अब हमारे सामने यही एक मार्ग है. हमें घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए. सोशल डिस्टेंसिंग. प्रधानमंत्री से लेकर गांव में रहने वाले व्यक्ति को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा.
भारत आज उस स्टेज पर हैं जब आज के हमारे कदम यह तय करेंगे कि हम इस आपदा का कितना सामना कर सकते हैं. यह समय संयम बरतने का है. आपको याद रखना होगा कि जान है तो जहान है. देश में जब तक लॉकडाउ की स्थित है हमें अपना संकल्प निभाना है.
आप घरों में रहते हुए लोगों के लिए मंगल कामाना करिए जो खुद को खतरे में डालकर दूसरो को बचाने की कोशिश कर रहे हैं. डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, एंबुलेंस चालने वाले डॉक्टर, सफाईकर्मी के बारे में सोचिए जो दूसरे के लिए अपने काम में जुटे हैं.
24 घंटे काम कर रहे मीडिया के लोगों के बारे में सोचिए. आप आसपास के पुलिसकर्मियों के बारे में सोचिए, जो आपको आपके परिवार को बाचने के लिए ड्यूटी कर रहे हैं. वे लोगों के गुस्सा के शिकार भी हो जाते हैं
केंद्र और राज्यों की सरकारें तेजी से काम कर रही है. सभी जरूरी वस्तुोओँ की सप्लाई बनी रहे इसके लिए उपाय किए गए हैं. मुश्किल की यह घड़ी गरीबों के लिए भी कठिनाई लेकर आई है. गरीबों की मदद के लिए अनेकों लोग साथ आ रहे हैं. जीवन जीने के लिए जो जरूरी है उसे सर्वोच्च प्राथमिकता देनी ही पड़ेगी.
केंद्र सरकार इस बीमारी से निपटने के लिए स्वास्थय सेवा को तैयार करने में जुटी है. जानकारों की राय पर सरकार ने कई फैसले किए हैं. सरकार ने 15000 करोड़ रुपये का प्रवाधान किया है. इसे आइसोलेशन वार्ड और दूसरे उपकरणों की संख्या तेजी से बढ़ाई जाएगी.
मैंने राज्य सरकारों से अनुरोध किया है कि इस समय सभी की प्राथमिकत सिर्फ स्वास्थ्य सेवाएं होनी चाहिए. प्राइवेट लैब्स, प्राइवेट अस्पताल सभी सरकार के साथ मिलकर काम करने के लिए आगे आ रहे हैं.
कई बार अफवाहें जोर पकड़ती हैं. मेरा आग्रह है कि किसी तरह के अफवाह और अंधविस्वास से बचें. इस बीमारी के लक्षणों के दौरान बिना ड़ॉक्रटर के सलाह के कोई दवा न लें. इससे आपका जीवन खतरे में पड़ सका है. 21 दिन का लॉकडाउन लंब समय है लेकिन आपके और आपके परिवार की रक्षा के लिए यही एकमात्र रास्ता है. हर हिंदुस्ती इस संकट का मुकाबला करेगा अऔर विजियी होकल निकलेगा.
आप कानून और नियमों का पालन करते हुए
इसका असर दिखने में कई दिन लग जाता है. इससे संक्रमित व्यक्ति इस बीमारी को सैकड़ों लोगों तक पहुंचा सकता है.
कोरोना का मतलब है कि कोई रोड पर ना निकले.
कोरोना से बचने का इसके अलावा कोई तरीका नहीं है, कोई रास्ता नहीं है। कोरोना को फैलने से रोकना है, तो इसके संक्रमण की सायकिल को तोड़ना ही होगा.
पीएम मोदी ने 22 मार्च को जनता कर्फ्यू की सफलता के लिए देशवासियों का आभार व्यक्त किया.
इन सभी देशों के दो महीनों के अध्ययन से जो निष्कर्ष निकल रहा है, और एक्सपर्ट्स भी यही कह रहे हैं कि कोरोना से प्रभावी मुकाबले के लिए एकमात्र विकल्प है- सोशल डिस्टेंसिंग. साथियों, आप कोरोना वैश्विक महामारी पर पूरी दुनिया की स्थिति को समाचारों के माध्यम से सुन भी रहे हैं और देख भी रहे हैं। आप ये भी देख रहे हैं कि दुनिया के समर्थ से समर्थ देशों को भी कैसे इस महामारी ने बिल्कुल बेबस कर दिया है.
एक दिन के जनता कर्फ़्यू से भारत ने दिखा दिया कि जब देश पर संकट आता है, जब मानवता पर संकट आता है तो किस प्रकार से हम सभी भारतीय मिलकर, एकजुट होकर उसका मुकाबला करते हैं। बच्चे-बुजुर्ग, छोटे-बड़े, गरीब-मध्यम वर्ग-उच्च वर्ग, हर कोई परीक्षा की इस घड़ी में साथ आया।

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