उम्मीद की मशाल: अपनी जमीन पर बनाया हैंडबाल कोर्ट और हॉस्टल, प्रशिक्षण, रहना-खाना मुफ्त #news4
April 25th, 2022 | Post by :- | 105 Views

हैंडबाल की अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी रही स्नेहलता दूसरों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। स्नेहलता खिलाड़ियों को मुफ्त में प्रशिक्षण देती हैं। खास बात यह है कि स्नेहलता खिलाड़ियों की डाइट का विशेष ध्यान रखती हैं। इसके लिए वह अपने खेतों में दाल, सब्जियां और मसाले उगाती हैं। स्नेहलता ने अपनी जमीन पर हैंडबाल का कोर्ट बनाया है। इसके अलावा लड़कियों के लिए हॉस्टल भी अपनी जमीन में खोला है। यहां तीस खिलाड़ी रहती हैं। इनका रहना, खाना सब फ्री है। स्नेहलता अब तक 30 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी तैयार कर चुकी हैं।

घुमारवीं उपमंडल की ग्राम पंचायत मोरसिंघी के बछड़ी गांव में स्नेहलता (33) ने लग्न और मेहनत के दम पर ऐसा काम कर दिखाया है, जो कई कोच लाखों की सैलरी लेकर भी नहीं कर पाते। वर्ष 2011 में अपने खेतों में बांस के गोल पोस्ट लगाकर सात खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देना शुरू किया। कुछ ही समय में यह संख्या 7 से बढ़कर 100 हो गई।

स्नेहलता जब मोरसिंघी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में राजनीति शास्त्र के प्रवक्ता के पद पर तैनात हुईं तो सरकार और खेल संघों की बिना किसी मदद के अपनी जमीन पर हैंडबाल का मैदान बनाया। जहां आज रोजाना 175, खिलाड़ी प्रशिक्षण ले रहे हैं। इनमें ज्यादातर लड़कियां हैं। स्नेहलता की मोरसिंघी नर्सरी से 30 से ज्यादा इंटरनेशनल खिलाड़ी तैयार हो चुके हैं। वहीं 30 से ज्यादा खिलाड़ी सरकारी विभागों में सेवाएं दे रहे हैं।

स्नेहलता खिलाड़ियों से प्रशिक्षण और हॉस्टल में रहने का एक पैसा नहीं लेती। वर्तमान में वह मोरसिंघी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में राजनीति शास्त्र की प्रवक्ता हैं। स्कूल के बाद सुबह-शाम खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देती हैं। जो समय बचता है उसमें स्नेहलता खेती करती हैं। वह अपने खेतों में दालें, सब्जियां और मसाले उगाकर हॉस्टल को देती हैं ताकि खिलाड़ियों की दो वक्त की डाइट पूरी हो सके।

2019 में मोरसिंघी नर्सरी के 12 खिलाड़ियों को बांग्लादेश हैंडबाल लीग के लिए खरीदा गया था। वहीं बांग्लादेश की टीम के लिए 2019 में मोरसिंघी नर्सरी में प्रशिक्षण शिविर लगाया गया था। इस बार एशियन हैंडबाल प्रतियोगिता में पहली बार चैंपियन बनी जूनियर महिला टीम में मोरसिंघी नर्सरी की पांच महिला खिलाड़ी शामिल थी। नर्सरी की खिलाड़ी प्रियंका टीम की कप्तान थी।

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