लाहुल के पारंपरिक उत्पादों से रूबरू होंगे पर्यटक #news4
December 28th, 2021 | Post by :- | 101 Views

लाहुल-स्पीति : राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत लाहुल के पारंपरिक हस्तशिल्प उत्पादों व व्यंजनों को देश- विदेश के पर्यटकों से रूबरू करवाया जाएगा। उपायुक्त नीरज कुमार ने मंगलवार को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन एवं राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के संयुक्त तत्वाधान में महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों के लिए केलंग में स्थापित प्रदर्शनी व बिक्री केंद्र का शुभारंभ किया।

उपायुक्त ने कहा कि लाहुल-स्पीति की पारंपरिक कला-शिल्प और खानपान समृद्ध विविधताओं से परिपूर्ण है। यहां के लोग विशेषकर महिला वर्ग ने इन्हें आज तक संजोकर रखा है जिसके लिए वे बधाई की पात्र हैं। उपायुक्त ने कहा कि सर्दी की विकट परिस्थितियों के चलते लाहुल में पूरा साल पर्यटकों की आमद नहीं रह पाती है और यहां के स्थानीय लोग भी कुछ समय कुल्लू प्रवास पर जाते हैं। ऐसे में लाहुल के बाहर भी इस तरह के आउटलेट्स की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। लाहुल के पारंपरिक हस्तशिल्प उत्पादों और व्यंजनों को पर्यटकों से रूबरू करवाया जाएगा। इसके लिए जहां हिमाचल भवन दिल्ली और चंडीगढ़ में प्रदर्शनी एवं बिक्री इवेंट आयोजित करने की योजना पर काम चल रहा है वहीं मनाली व कुल्लू के पर्यटन निगम और कुछ चुनिदा निजी होटलों में भी इन उत्पादों के बिक्री आउटलेट्स शुरु किए जाएंगे। मनाली स्थित लाहुल- स्पीति भवन में भी स्वंय सहायता समूहों के ये उत्पाद बिक्री के लिए रखे जा रहे हैं।

उपायुक्त ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि लाहुली जुराबों को जीआई टैगिग (भौगोलिक संकेतक) प्राप्त हो चुकी है। लाहुल के अन्य उत्पादों को भी जीआई टैग दिलवाने के प्रयास होंगे। उन्होंने कहा कि लाहुल- स्पीति की पारंपरिक स्वागत रस्म की जीआई टैगिग को लेकर भी प्रक्रिया शुरु होनी चाहिए।

इस मौके पर एसडीएम केलंग प्रिया नागटा, परियोजना अधिकारी समन्वित जनजातीय विकास परियोजना मनोज कुमार व अन्य मौजूद रहे।

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