पंचायत प्रतिनिधियों के लिए न्यायिक मामलों पर प्रशिक्षण शिविर शुरु
August 8th, 2019 | Post by :- | 325 Views

ऊना (08 अगस्त)- जिला ऊना के सभी पंचायत प्रतिनिधियों को न्यायिक मामलों के बारे में जानकारी देने के लिए जिला परिषद हॉल ऊना में दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर शुरू हुआ। शिविर के पहले दिन जिला से आए प्रधानों, उप प्रधानों, पंचायत सदस्यों तथा पंचायत सचिवों को ग्राम पंचायतों में होने वाले न्यायिक कार्यों का प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
पहले दिन जिला पंचायत अधिकारी ऊना रमण कुमार शर्मा, जिला न्यायवादी भीष्म ठाकुर तथा प्रशिक्षक सुनील कुमार ने न्यायिक प्रशिक्षण शिविर में विभिन्न धाराओं की जानकारी दी गई। उन्हें पंचायती राज अधिनियम 1994 के अतंर्गत प्रदान न्यायिक शक्तियों के बारे में बताया गया और मामलों के निष्पादन के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई, ताकि ग्राम वासियों को पारदर्शी, सुलभ तथा शीघ्र न्याय प्रदान किया जा सके। ग्राम पंचायत को फौजदारी, दीवानी, राजस्व मामलों तथा भरण-पोषण से संबंधित मामलों में सुनवाई का अधिकार है।
पंचायत प्रतिनिधियों को बताया गया कि दीवानी मामलों में शिकायतकर्ता को वादी, जबकि जिसके खिलाफ मुकदमा दायर किया गया है उसे प्रतिवादी कहा जाता है। दीवानी मामलों में जिसके खिलाफ शिकायत की गई है, वह व्यक्ति जहां रहता है या कारोबार करता हो, उस क्षेत्र की ग्राम पंचायत को सुनवाई का अधिकार प्राप्त है। चाहे विवाद कहीं पर भी पैदा हुआ हो। यदि किसी मामले में एक से ज्यादा प्रतिवादी हों और विभिन्न ग्राम पंचायतों में रहते हों या कारोबार करते हों तो ऐसी स्थिति में वादी को यह अधिकार होगा कि उनमें से किसी भी एक पंचायत में मामला दर्ज करवाया जा सकता है और पंचायत उस मामले को सुन सकती है।
जिला पंचायत अधिकारी रमण कुमार शर्मा ने कहा कि पंचायती राज विभाग के निर्देश के अनुसार इस तरह के प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं और यह सिलसिला 19 नवंबर 2019 तक चलेगा, जिसमें निर्वाचित प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इन प्रशिक्षण शिविरों में पंचायती राज विभाग तथा न्याय प्रक्रिया से जुड़े रिसोर्स पर्सन, पुलिस व जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के प्रतिनिधि न्याय शक्तियों के बारे में अवगत करवाएंगे।

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