सात साल में करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी नहीं बन पाया ट्रामा सेंटर #news4
August 22nd, 2022 | Post by :- | 74 Views

रामपुर बुशहर : रामपुर में वर्ष 2015 से शुरू हुए ट्रामा सेंटर का निर्माण कार्य अभी तक भी पूरा नहीं हो पाया है। अभी यहां पर 20 प्रतिशत कार्य शेष बचा है। अब तक ट्रामा सेंटर के निर्माण में छह करोड़ आठ लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने इस साल मई में करीब पौने दो करोड़ रुपये की राशि लोक निर्माण विभाग को भवन का कार्य पूरा करने के लिए जारी कर दी है। लोक निर्माण विभाग के सुस्त रवैये के कारण भवन निर्माण की कीमत में भी काफी अंतर आ गया है। ट्रामा सेंटर की 2015 में संभावित कीमत सात करोड़ 38 लाख रुपये के करीब थी जबकि वर्तमान में काम समय पर पूरा न होने के कारण अब इसकी लागत में भी लाखों रुपये का अंतर आ गया है।

पूर्व कांग्रेस सरकार के समय इस ट्रामा सेंटर को बनाने की घोषणा की गई थी। इस भवन के समय पर पूरा न होने का खामियाजा मरीजों को भी भुगतना पड़ रहा है। रामपुर का खनेरी अस्पताल सीमावर्ती चार जिलों के लिए पहले 200 बेड की क्षमता के साथ बनाया गया था, लेकिन बाद में मरीजों की दिक्कतों व उनकी अधिक संख्या को देखते हुए इसमें ढाई सौ बिस्तरों की क्षमता कर दी गई थी। चार जिलों के लिए समीप का अस्पताल होने के कारण दुर्घटनाओं के दौरान मरीजों को रामपुर में ही सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अस्पताल में ही ट्रामा सेंटर बनाने की घोषणा 2014 में तत्कालीन सरकार ने की थी। लेकिन सात साल पूरे हो जाने के बावजूद आज भी इसका निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। तीन साल वन मंजूरी लेने में ही लगा दिए

तीन साल वन विभाग से मंजूरी में ही निकल गए और वास्तव में निर्माण कार्य 2019 में शुरू किया गया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोक निर्माण विभाग को भवन निर्माण के लिए समय पर धनराशि उपलब्ध करवा दी थी, बावजूद इसके अभी तक निर्माण पूरा नहीं हुआ है। इस साल मई में ही निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए करीब एक करोड़ 84 लाख रुपये दिए गए। यहां तक कि लोक निर्माण विभाग के उच्च अधिकारियों ने भी मौके पर जाकर निरीक्षण किया, लेकिन फिर भी काम पूरा नहीं हुआ। कोरोना समय में ठेकेदार ने बीमारी की बात कह छोड़ दिया था काम

जिस ठेकेदार को यह निर्माण कार्य दिया गया था, उसने इसे अधूरा छोड़ा है। इस दौरान कोरोना संकट शुरू हो गया था और उस समय सामान के दाम में बढ़ोतरी हो गई थी। ठेकेदार ने केवल अपने एग्रीमेंट के हिसाब से ही काम को पूरा किया और बाद में शेष काम करने में बीमारी का हवाला देते हुए असमर्थता जाहिर कर दी। जबकि शेष बचा कार्य भी ठेकेदार को ही पूरा करने के लिए कहा भी गया था। अभी करीब दो करोड़ रुपये की राशि निर्माण कार्य पर खर्च होनी है और विभाग के पास एक करोड़ चालीस लाख के करीब राशि मौजूद है। निर्माण कार्य की क्लोजर रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को बीते माह सात तारीख को भेजी गई है। शेष बचे निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जानी है। टेंडर जारी होने के करीब एक माह में शेष बचा कार्य पूरा हो जाएगा। जिस ठेकेदार ने काम किया था, उसे जुर्माना भी विभाग की ओर से लगाया जा रहा है। ठेकेदार ने कार्य को आगे न कर पाने के बारे में लिखित रूप से दिया है। निर्माण कार्य में अब तक छह करोड़ आठ लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। बचे हुए कार्य के लिए जल्दी ही टेंडर लगा दिए जाएंगे।

– चंद्र कश्मीरी, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग।

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