जो व्यक्ति दूसरों के दुख दूर करने के लिए अपने सुख का त्याग करता है, उस पर करें भरोसा
August 21st, 2019 | Post by :- | 307 Views

आचार्य चाणक्य को अखंड भारत की स्थापना के लिए और उनकी नीतियों के लिए आज भी याद किया जाता है। चाणक्य ने अपनी नीतियों से ही सामान्य बालक चंद्रगुप्त को भारत का सम्राट बनाया। अगर दैनिक जीवन में चाणक्य नीति का पालन किया जाए तो हम कई परेशानियों से बच सकते हैं। यहां जानिए चाणक्य की एक ऐसी नीति, जिसमें बताया गया है कि किसी पर भरोसा करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए…
चाणक्य कहते हैं कि
यथा चतुर्भि: कनकं परीक्ष्यते निघर्षणं छेदनतापताडनै:।
तथा चतुर्भि: पुरुषं परीक्ष्यते त्यागेन शीलेन गुणेन कर्मणा।।

  • चाणक्य नीति के पांचवें अध्याय के दूसरे श्लोक के अनुसार सोने को परखने के लिए उसे रगड़ा जाता है, काटकर देखा जाता है, आग में तपाया जाता है, पीटकर देखा जाता है कि सोना शुद्ध है या नहीं। सोने में मिलावट होती है तो इन चार कामों से वह सामने आ जाती है। इसी प्रकार किसी व्यक्ति पर भरोसा करने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए।
  • इस नीति के अनुसार किसी व्यक्ति पर भरोसा करने से पहले ये देखें कि वह दूसरों के दुख दूर करने के लिए खुद के सुख का त्याग कर सकता है या नहीं। अगर कोई व्यक्ति दूसरों के सुख के लिए खुद के सुख का त्याग करता है तो उस पर भरोसा किया जा सकता है।
  • जिन लोगों का चरित्र अच्छा है यानी जो लोग दूसरों के लिए कभी भी गलत नहीं सोचते हैं, उन पर भरोसा कर सकते हैं।
  • क्रोधी, आलस्य करने वाले, स्वार्थी, घमंड करने वाले और झूठ बोलने वाले लोगों पर भूलकर भी भरोसा नहीं करना चाहिए। जो लोग शांत स्वभाव होते हैं, हमेशा सच बोलते हैं, वे लोग भरोसेमंद होते हैं।
  • अगर कोई व्यक्ति अधार्मिक तरीके से काम करता है और गलत तरीके से धन कमाता है, उस पर भरोसा नहीं करना चाहिए। ऐसे लोग खुद के स्वार्थ के लिए किसी को भी धोखा दे सकते हैं। धर्म और नीति से धन कमाने वाले लोगों पर भरोसा करना चाहिए।

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