आइजीएमसी में एक बिस्तर पर दो मरीज #news4
April 20th, 2022 | Post by :- | 88 Views

शिमला : इंदिरा गांधी मेडिकल कालेज (आइजीएमसी) में बिस्तर की कमी की वजह से मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। अस्पताल में एक ही बिस्तर पर दो मरीजों को रखा गया है। इससे मरीजों में अन्य बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ रहा है। आइजीएमसी के मेडिसिन वार्ड में मरीजों की संख्या ज्यादा होने की वजह से उन्हें बिस्तर शेयर करना पड़ रहा है। ओपीडी के अलावा अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है।

अस्पताल में रोजाना 2500 लोगों की ओपीडी रहती है, लेकिन वर्तमान में तीन हजार से ज्यादा लोग ओपीडी में जांच के लिए पहुंच रहे हैं। मेडिसिन ओपीडी के बाहर अधिक लोग जांच करवा रहे हैं। अस्पताल में शिमला ही नहीं अन्य जिलों से भी मरीज जांच के लिए पहुंचते हैं। वहीं मरीजों के साथ आए स्वजन के रहने के लिए भी कोई सुविधा नहीं है। स्वजनों को कमरे के बाहर ही मरीज का इंतजार करना पड़ता है। सबसे ज्यादा दिक्कत तीमारदार को रात में झेलनी पड़ती है।

अस्पताल में मरीजों का भार लगातार बढ़ रहा है। अस्पताल के अधिकारियों का कहना है कि इस संबंध में सरकार को प्रस्ताव भेजा है। इससे अस्पताल में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अस्पताल प्रशासन बिना इलाज के किसी मरीज को घर नहीं भेज सकता है। सभी मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया करवाने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। आइजीएमसी राज्य का सबसे बड़ा अस्पताल है। यहां पर सुविधाओं की मांग हर स्तर पर उठती रही है। लेकिन अभी तक बिस्तरों की कमी की समस्या का हल नहीं हो पा रहा है। हर मरीज को बेहतर इलाज देने का कर रहे प्रयास : प्रिसिपल

आइजीएमसी के प्रिंसिपल सुरेंद्र शर्मा का कहना है कि मरीजों की संख्या रोजाना बढ़ती जा रही है, लेकिन अस्पताल में बिस्तर की संख्या वही है जो पहले थी। इसके कारण एक ही बिस्तर पर दो मरीजों को रखना पड़ रहा है। जगह की कमी होने की वजह से मरीजों व अस्पताल प्रशासन को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। हर मरीज को इलाज बेहतर मिले, इसके लिए अस्पताल प्रशासन की ओर से हरसंभव ध्यान रखा जा रहा है।

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