उत्तराखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, तीसरे बच्चे पर नहीं मिलेगी ‘Maternity Leave’
September 18th, 2019 | Post by :- | 158 Views

हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार की सेवा में तीसरा बच्चा होने पर मातृत्व अवकाश देने के सरकार के प्रावधान को निरस्त कर दिया है। हल्द्वानी निवासी नर्स की याचिका पर एकलपीठ के फैसले को सरकार ने हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए स्पेशल अपील दायर की थी। इस पर सुनवाई के बाद अदालत ने यह फैसला दिया है।

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश रंगनाथन और न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की संयुक्त खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद प्रदेश में सरकारी और गैर सरकारी विभागों में कार्यरत महिलाओं को तीसरा बच्चा होने पर मातृत्व लाभ के तहत अवकाश नहीं मिलेगा।

हल्द्वानी निवासी नर्स उर्मिला मसीह को तीसरी संतान पर मातृत्व लाभ के तहत अवकाश नहीं मिलने पर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इसके तहत तय नियमों का हवाला देते हुए नर्स की याचिका में कहा गया था कि सरकार का बनाया नियम संविधान के अनुच्छेद-42 के मूल-153 तथा मातृत्व लाभ अधिनियम की धारा-27 का उल्लंघन करता है।

एकलपीठ ने 2018 में इस अधिनियम को अवैधानिक घोषित कर दिया था। यानि तीसरी संतान होने पर भी मातृत्व लाभ अधिनियम के तहत अवकाश का लाभ मिलने लगा था।

सरकार ने एकलपीठ के इस आदेश के खिलाफ विशेष अपील दायर की थी। सरकार की ओर से विशेष अपील में दिए गए तर्कों को स्वीकार करते हुए संयुक्त खंडपीठ ने एकलपीठ का आदेश निरस्त कर दिया। इसके साथ ही याचिका निस्तारित कर दी है।

कोर्ट के इस फैसले के बाद प्रदेश सरकार की सेवा में कार्यरत महिलाओं को दो बच्चों के बाद मातृत्व लाभ अधिनियम के प्राविधानों के तहत अवकाश का लाभ नहीं मिलेगा। बता दें, हाईकोर्ट की डबल बेंच ने सरकार का पहले का प्रावधान निरस्त किया है। एकलपीठ के फैसले को चुनौती देते हुए सरकार ने स्पेशल अपील दायर की थी।

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