विधानसभा : मंत्री सुखराम ने साधा निशाना, बाेले-पावर प्रोजैक्टों के निर्माण कार्य में रोड़ा अटका रहीं NGO #news4
February 25th, 2022 | Post by :- | 97 Views

शिमला : ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश में पावर प्रोजैक्ट निर्माण कार्य में ऐसी एनजीओ रोड़ा अटका रही हैं, जिनका संबंधित क्षेत्र के साथ कोई लेना-देना नहीं है। इसके अलावा कुछ पर्यावरणविद् और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी निर्माण कार्य में अड़चन डाल रहे हैं। उन्होंने यह जानकारी विधायक जगत सिंह नेगी की ओर से पूछे गए प्रश्न के उत्तर में दी। जगत सिंह नेगी का कहना था कि सरकार द्वारा पावर प्रोजैक्ट निर्माण के लिए एनओसी देने से पहले स्थानीय विधायक और वहां रहने वाले लोगों का पक्ष नहीं सुना जाता है। उन्होंने कहा कि जंगी-थोपन-पोवारी प्रोजैक्ट का विरोध करने वाले लोगों का मुख्यमंत्री से लेकर सरकारी स्तर पर पक्ष नहीं सुना जा रहा है।

जंगी-थोपन-पोवारी प्रोजैक्ट को रद्द करने का कोई विचार नहीं

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि 780 मैगावट के जंगी-थोपन-पोवारी पावर प्रोजैक्ट को लेकर 25 सितम्बर, 2019 में एसजेवीएनएल के साथ समझौता हुआ है। इस परियोजना को लेकर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जा रही है तथा फिलहाल प्रोजैक्ट को रद्द करने का कोई विचार नहीं है। उन्होंने कहा कि इस प्रोजैक्ट को लेकर स्थानीय सभी पंचायतों ने विरोध किया है तथा प्रदेश सरकार आंदोलनरत पक्ष से वार्ता करके मामले को सुलझाने का प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर पावर प्रोजैक्ट निर्माण का विरोध हो रहा है, जो प्रदेश के आर्थिक लिहाज से ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि जंगी-थोपन-पोवारी प्रोजैक्ट को लेकर एडीएम की अध्यक्षता वाली कमेटी प्रभावित पक्ष से वार्ता कर रही है।

लारजी प्रोजैक्ट के तहत नहीं मिलेगी लाडा राशि

ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी ने विधायक जवाहर ठाकुर और सुरेंद्र शौरी की तरफ से पूछे गए प्रश्न के उत्तर में कहा कि वर्ष 2006 में बने लारजी प्रोजैक्ट के तहत लाडा यानी एलएडीएफ राशि नहीं मिलेगी। यह राशि इसलिए नहीं मिलेगी क्योंकि प्रोजैक्ट निर्माण के समय ऐसा कोई प्रावधान नहीं था। उन्होंने कहा कि प्रोजैक्ट के प्रभावितों को सभी तरह का मुआवजा दे दिया गया है। उन्होंने कहा कि तीर्थन-ब्यास संगम पर स्नानागार का मुरम्मत कार्य करवाया जाएगा।

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