विधानसभा शीतकालीन सत्र : संस्थानों को डिनोटिफाई करने पर बिफरा विपक्ष, सदन से किया वॉकआऊट
January 4th, 2023 | Post by :- | 59 Views

तपोवन : प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद शुरू हुए विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन ही सदन में जमकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच हंगामा हुआ। विपक्ष ने पहले दिन ही नारेबाजी के बीच सदन से वॉकआऊट किया। इससे पहले सदन में दोनों पक्षों के बीच जमकर शब्दबाण भी चले। नोकझोंक के बीच माहौल कई बार गर्माया। दोनों पक्षों में तल्खी देखी गई। सत्र शुरू होते ही जब राष्ट्रगान के बाद प्रोटेम स्पीकर चन्द्र कुमार ने विधायकों की शपथ ग्रहण की प्रक्रिया आरंभ करने को कहा। अभी विधायकों की शपथ के लिए प्रोटेम स्पीकर ने प्रक्रिया शुरू ही की थी कि नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने सदन में खड़े होकर संस्थानों को डिनोटिफाई करने का मामला उठाया। उन्होंने इस पर कड़ी आपत्ति जाहिर की। इस पर प्रोटेम स्पीकर ने कहा कि पहले विधायकों की शपथ ग्रहण प्रक्रिया पूरी हो, उसके बाद नियमों के तहत वह मामला उठाएं लेकिन नेता विपक्ष अपनी बात पर अड़े थे। इसी दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच काफी देर तक नोकझोंक भी हुई। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के हस्तक्षेप के बाद सदन की कार्रवाई शुरू हई ओर विधायकों का शपथ ग्रहण प्रक्रिया शुरू हुई। शपथ ग्रहण प्रक्रिया खत्म होते ही सदन में फिर से विपक्ष ने यह मामला उठाया। मुख्यमंत्री ने अपना वक्तव्य देना शुरू किया तो विपक्ष की तरफ से बीचोंबीच में खूब टीका टिप्पणी भी की जाने लगी। कई बार माहौल काफी गर्माया और नारेबाजी भी हुई।

बदले की भावना से हो रहा कार्य : जयराम
विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने कहा कि इतिहास में पहली बार बदले की भावना से कार्य आरंभ हुआ है। इससे पहले कभी किसी सरकार ने पूर्व सरकार के कार्यों पर ऐसे नहीं किया। इससे बेहतर होता सरकार समीक्षा करती और उसके बाद ही संस्थानों को आवश्यकता के आधार पर रिव्यू करती।

बिना बजट 6 माह में 900 संस्थान क्यों खोले : सुक्खू
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि जयराम सरकार ने जाते-जाते आखिरी 6 महीनों में प्रदेश में 900 संस्थान खोल दिए। ऐसी क्या देवीय शक्ति जयराम सरकार के पास आ गई थी कि 9 महीने में इतने संस्थान खोल दिए। उन्होंने कहा कि इतने संस्थानों के संचालन के लिए करोड़ों रुपए का बजट का कोई भी प्रावधान नहीं था, ऐसे में क्या कोई शक्ति ही इन संस्थानों को चलाने वाली थी। इतने संस्थान खोलने के बावजूद भी जनता ने भाजपा रिजैक्ट कर दिया। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि राज्यपाल के अभिभाषण पर जो तथ्य आएंगे उस पर विपक्ष खुलकर अपनी बात रखे और तथ्य लाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जितने संस्थान जयराम सरकार ने खोले उन्हें चलाने के लिए 5000 करोड़ रुपए के बजट की आवश्यकता होगी। इतनी बड़ी लाइबिलिटी तो सरकार ने बिना सोचे समझे खड़ी कर दी। सीएम के वक्तव्य पर भड़के विपक्ष ने पहले तो सदन में नारेबाजी की और उसके बाद नारे लगाते हुए सदन से वॉकआऊट कर दिया। मुख्यमंत्री ने इसके बाद भी अपना वक्तव्य जारी रखा। विपक्ष के सदन से जाने के बाद मुख्यमंत्री ने स्पीकर से आग्रह किया कि नेता विपक्ष के भाषण के कुछ अंशों को छोड़कर बाकी के तमाम शब्दों को सदन की कार्रवाई से हटा दें। इस पर स्पीकर ने इन्हें हटाने का निर्देश दिया।

दर्शक दीर्घा में अधिक लोगों की मौजूदगी व तालियों पर जयराम ने जताई आपत्ति
सदन के पहले दिन दर्शक दीर्घा में काफी अधिक लोगों की मौजूदगी और वहां से बज रही तालियों पर नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने कड़ी आपत्ति जाहिर की। उन्होंने इस पर आपत्ति जताई की दर्शक दीर्घा में नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। क्षमता से अधिक लोग भरे गए हैं और सदन की कार्रवाई के दौरान वहां से तालियां बजना सदन की गरिमा के मुताबिक नहीं है। इस पर स्पीकर ने दर्शक दीर्घा में बैठे लोगों को नियमों का हवाला भी दिया। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सदन का पहला दिन है और शपथ ग्रहण समारोह में नवनिर्वाचित विधायकों के परिजन आए हैं, ऐसे में वे शपथ ग्रहण के लिए खुशी जता रहे थे। पहले दिन ऐसा खुशी स्वरूप हुआ है।

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