जिला कांगड़ा के शहरी क्षेत्रों में अप्रैल माह से फिर महंगा होगा पानी #news4
March 30th, 2022 | Post by :- | 78 Views

नूरपुर : शहरी क्षेत्र के पेयजल उपभोक्ताओं को एक बार पुनः झटका लगा है। जल शक्ति विभाग ने इस साल भी पेयजल बिलों की दरों में दस फीसद की बढ़ोतरी कर दी है। नई दरें एक अप्रैल से लागू होंगी। शहरी क्षेत्र के पेयजल उपभोक्ताओं से आइपीएच विभाग अब 201 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से बिल वसूलेगा। पेयजल बिलों की दरों में हो रही बढ़ोतरी से उपभोक्ताओं में रोष है। एकत्रित जानकारी अनुसार वर्ष 2005 में राज्य के तत्कालीन आइपीएच मंत्री ठाकुर कौल सिंह ने शहरी क्षेत्र के पेयजल उपभोक्ताओं को अपने खर्च पर पेयजल मीटर लगवाने के आदेश दिए थे व मीटर न लगवाने की सूरत में पेयजल बिलों की दरों में दस फीसदबढ़ोतरी करने की अधिसूचना जारी की थी।

इसी अधिसूचना के तहत आइपीएच विभाग हर साल पेयजल बिल की दरों में दस फीसद बढ़ोतरी कर रहा है। वर्ष 2005 में शहरी क्षेत्र के पेयजल उपभोक्ताओं से विभाग 40 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से मासिक बिल वसूल करता था जोकि अब अप्रैल माह में 201 रूपये प्रतिमाह माह हो जाएगा। कुल मिलाकर पेयजल मीटर न लगाने की सजा उपभोक्ता भुगत रहे हैं। लोगों का कहना है कि या तो विभाग बिजली बोर्ड की तर्ज पर स्वयं पेयजल मीटर लगवाए या पेयजल की मासिक दरें फिक्स की जाए क्योंकि हर साल 10 फीसदी पेयजल दरों की बढ़ोतरी धीमे जहर के रूप में काम कर रही है।

शहरी क्षेत्रों में पेयजल दरें

वर्ष मासिक बिल (प्रतिमाह)

2005. 40 रुपये

2006 44 रुपये

2007 48 रुपये

2008 52 रुपये

2009 58 रुपये

2010 64 रुपये

2011 70 रुपये

2012 77 रुपये

2013 85 रुपये

2014 94 रुपये

2015 103 रुपये

2016 113 रुपये

2017 125 रुपये

2018 138 रुपये

2019 152 रुपये

2020. 167 रुपये

2021 183 रुपये

2022 201रुपये

 

यह बोले देवेंद्र राणा, सहायक अभियंता जल शक्ति उपमंडल नूरपुर

पेयजल मीटर न लगाने की सूरत में विभाग हर साल पेयजल दरों में दस फीसदबढ़ोतरी करता है। इसके तहत अप्रैल माह से विभाग शहरी क्षेत्र के पेयजल उपभोक्ताओं को 201 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से बिल जारी करेगा

 

क्या कहते हैं लोग

नगर परिषद के अध्यक्ष अशोक शर्मा, उपाध्यक्ष रजनी महाजन, पार्षद करनैल सिंह, प्रवेश कुमार, मीनाक्षी देवी, अश्वनी डफ्फा, अंकुल कोरला, गुलशन चौधरी व यशपाल, व्यापार मंडल के अध्यक्ष अश्वनी सूरी ने सरकार से मांग की है कि शहरी क्षेत्रों में पेयजल दरें फिक्स की जाएं व हर वर्ष 10 फीसदी बढ़ोतरी बंद की जाए। उन्होंने वन मंत्री राकेश पठानिया से आग्रह किया है कि वह शहरी क्षेत्रों में पेयजल दरें फिक्स करवा दें ताकि लोगों को हर साल 10 फीसदी बढ़ोतरी से मुक्ति मिल सके।

क्या कहते हैं वन मंत्री

वन मंत्री राकेश पठानिया ने इस संदर्भ में कहा कि वह मामले का अध्ययन करके इसे जल शक्ति मंत्री के ध्यान मे लाएंगे व लोगों की मांग को पूरा करने का प्रयास करेंगे।

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