20 लाख करोड़ के भारी भरकम पैकेज में किसे क्‍या मिला
May 13th, 2020 | Post by :- | 206 Views

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 12 मई को 20 लाख करोड़ के भारी भरकम पैकेज (Atmanirbhar Bharat Package) का ऐलान किया गया। आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पैकेज का किस तरह इस्तेमाल किया जाएगा, उसकी जानकारी दे रही हैं। प्रधानमंत्री ने कहा था कि वित्त मंत्रालय सिलसिलेवार तरीके से सरकार द्वारा लिए गए फैसलों और कहां कितने खर्च किए जाएंगे इसकी जानकारी देगा।

-सरकार ने बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) के लिए 90 हजार करोड़ रुपये की घोषणा की है।

-एनबीएफसी (नॉन बैंकिंग फाइनैंशल कंपनीज) को आंशिक क्रेडिट गारंटी योजना के जरिये 45,000 करोड़ रुपये की नकदी उपलब्ध करायी जाएगी।
– गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs), आवास वित्त कंपनियों (HFCs) और एमएफआई  के लिये 30,000 करोड़ रुपये के धन के उधार की सुविधा।

-कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) कर्मचारी और नियोक्ता के अंशदान के लिए सरकार 2,500 करोड़ रुपये देगी, यह प्रोत्साहन योजना अगस्त तक के लिये बढ़ायी गयी।

-एमएसएमई को दिये जाने पर कर्ज को लौटाने के लिये एक साल की मोहलत दी जाएगी, दबाव वाले एमसएएमई को 20,000 करोड़ रुपये का (बिना गारंटी के) कर्ज दिया जाएगा, इससे 2 लाख एमएसएमई लाभान्वित होंगे।

– लॉकडाउन के दौरान करदाताओं को 18,000 करोड़ रुपये का रिफंड किया गया, 14 लाख करदाताओं को इसका लाभ मिला।

MSME के लिए 6 बड़े ऐलान

1. एमएसएमई को क्रेडिट फ्री लोन दिया जाएगा।

2. MSME को 3 लाख करोड़ रुपये का लोन गारंटी फ्री मिलेगा।

3. 45 लाख एमएसएमई को इससे फायदा मिलेगा।

4. MSME को एक साल तक ईएमआई चुकाने से मिली राहत।

6. जो लोन दिया जाएगा उसे चार सालों में चुकाना है। यह 31 अक्टूबर 2020 तक वैलिड है।

7. स्ट्रेस्ड MSMEs के लिए 20 हजार करोड़ रुपये सब-ऑर्डिनेट डेट दिया जाएगा। इससे 2 लाख एमएसएमई को फायदा मिलेगा।

8. सरकार GSTMSE को 4 हजार करोड़ रुपये का मदद देगी। GSTMSE बैंक को क्रेडट गारंटी देंगे।

9. फंड ऑफ फंड्स के जरिए MSMEs के लिए 50 हजार करोड़ रुपये इक्विटी इंफ्यूजन किया जाएगा।

10. सरकार ने MSMEs की परिभाषा तय करने का फैसला किया है।

-18000 हजार करोड़ रुपये टैक्स पेयर्स को रिफंड देकर राहत दी गई है। 14 लाख टैक्सपेयर्स को इसका फायदा भी मिला है।

-पहली बार जब राहत पैकेज की घोषणा की गई थी उसमें 41 करोड़ अकाउंट्स में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए सीधे मदद पहुंचाई गए।

-कोरोना के कारण जैसे ही लॉकडाउन की घोषणा हुई सरकार 1.7 लाख करोड़ रुपये का पैकेज लेकर आई और हमने यह सुनिश्चित किया कि देश का कोई गरीब, किसान और मजदूर भूखा ना रहे।

-आत्मनिर्भर भारत के पांच पिलर हैं। ये हैं- इकॉनमी, इंफ्रास्ट्रक्चर, सिस्टम, डेमोग्रॉफी और डिमांड।

-इस पैकेज का फैसला गंभीर चर्चा के बाद लिया गया है। सभी मंत्रालय और संबंधित स्टेकहोल्डर्स से बात के बाद इसका फैसला लिया गया है। आत्मनिर्भर भारत का मतलब यह नहीं है कि हम दुनिया में अलग हो जाएंगे।

-अभी यह जरूरी है कि विकास दर में तेजी आए और हम आत्मनिर्भर बनें।

हर वर्ग को राहत की उम्मीद
उम्मीद की जा रही है कि आज वित्त मंत्री अपने संबोधन में श्रमिक-किसान से लेकर नौकरीपेशा, छोटे कारोबारी और एमएसएमई तक का ख्याल रखेंगी। इसमें सबसे अहम हैं नौकरीपेशा, जो ईमानदारी से टैक्स देते हैं, जिसका जिक्र खुद पीएम मोदी ने भी किया था।

1.7 लाख करोड़ का राहत पैकेज पहले घोषित हो चुका है
मार्च के महीने में सरकार पहले ही 1.7 लाख करोड़ रुपये का राहत पैकेज ला चुकी है। इस पैकेज के जरिए सरकार की कोशिश हर शख्स की पेट भरने की थी। इसके तहत जनधन खाते में तीन महीने के लिए 500-500 रुपये डाले जा रहे हैं। पीएम किसान योजना की किस्त जमा की गई है। इसके अलावा उज्ज्वला योजना के तहत तीन महीने के लिए गैस सिलिंडर मुफ्त में बांटे जा रहे हैं।

19 मई से हवाई सेवा भी शुरू हो रही है

वर्तमान में देश में कोरोना लॉकडाउन का तीसरा चरण चल रहा है जो 17 मई को समाप्त होगा। प्रधानमंत्री ने मंगलवार के अपने संबोधन में लॉकडाउन-4  की भी घोषणा कर चुके हैं। हालांकि इसमें तमाम रियायतें बढ़ाई जाएंगी। जैसा कि हम जानते हैं, 12 मई से आंशिक तौर पर ट्रेन सेवा की शुरुआत हो चुकी है। 19 मई से एयर इंडिया घरेलू विमान सेवा भी शुरू करने जा रही है।

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