क्यों मनाई जाती है बैसाखी….
April 13th, 2020 | Post by :- | 94 Views

बैसाखी पर्व प्रमुख तौर से पंजाब, हिमाचल , हरियाणा और जम्मू में 13 अप्रैल को मनाया जाता है। मुख्य तौर पर फसल काटने की खुशी इस दिन मनाई जाती है। इसी के साथ सिख धर्म की मान्यता के अनुसार 13 अप्रैल 1699 को दसवें गुरू गोविंद सिंह ने खालसा पंथ की स्थापना की थी। सिख धर्म के लोग इसे सामूहिक तौर पर जन्मदिवस के रूप में मनाते हैं। इसी के साथ इस दिन हिंदू धर्म के अनुसार सूर्य मेष राशि में प्रवेश करता है। इस दिन को हिंदू नववर्ष के रूप में भी मनाया जाता है। वहीं भारत के अन्य क्षेत्रों में इस दिन बिहू, विशू, पुंथडु के रूप में मनाया जाता है।

बैसाखी पर्व मनाने के पीछे कई मान्यताएं प्रचलित हैं. बैसाखी के दिन गंगा स्नान करने का बहुत महत्व माना जाता है. दरअसल, मान्यता है कि बैसाखी के दिन ही गंगा धरती पर उतरी थीं.

बैसाखी के समय आकाश में विशाखा नक्षत्र होता है. विशाखा नक्षत्र पूर्णिमा में होने के कारण इस माह को बैसाखी कहते हैं. कुल मिलाकर, वैशाख माह के पहले दिन को बैसाखी कहा गया है. इस दिन सूर्य मेष राशि में प्रवेश करता है, इसलिए इसे मेष संक्रांति भी कहा जाता है.

इस त्योहार की तैयारी भी सबसे बड़े त्योहार दीपावली की ही तरह कई दिनों पहले से शुरू हो जाती है। लोग घरों की सफाई करते है, आंगन में अल्पना और रंगोली बनाई जाती है। शाम को लाइटिंग से घर सजाते हैं, कई तरह के पकवान बनाते हैं।

हिंदू पौराणिक ग्रंथों के अनुसार मान्यता यह भी है कि हजारों साल पहले मुनि भागीरथ कठोर तपस्या के बाद देवी गंगा को धरती पर उतारने में इसी दिन कामयाब हुए थे। इसलिये इस दिन हिंदू संप्रदाय के लोग पारंपरिक रूप से गंगा स्नान करने को भी पवित्र मानते हैं व देवी गंगा की स्तुति करते हैं। इस दिन पवित्र नदियोंं में स्नान का अपना अलग महत्व है। ज्योतिषीय दृष्टि से भी बैसाखी का बहुत ही शुभ व मंगलकारी महत्व है क्योंकि इस दिन आकाश में विशाखा नक्षत्र होता है। वहीं सूर्य के मेष राशि में प्रवेश करने से इसे मेष सक्रांति भी कहा जाता है। ज्योतिषाचार्य मानते हैं कि लोगों के राशिफल पर बैसाखी का सकारात्मक व नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसे सौर नववर्ष भी कहा जाता है। मेष संक्राति के दौरान पर्वतीय इलाकों में भी मेलों का आयोजन होता है व देवी पूजा करने का रिवाज है। लोग इस दिन अपने घर-परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।

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