सेक्स के बाद महिलाओं को यूटीआई का ख़तरा ज़्यादा क्यों होता है? #news4
December 6th, 2022 | Post by :- | 103 Views

हमें अपने जनाइटल हेल्थ के बारे में काफ़ी जागरूक रहना चाहिए. जनाइटल यानी हमारे यौनांगों में बैक्टीरियल और यीस्ट का संक्रमण होने की संभावना अधिक होती है. वहां से शुरू संक्रमण आगे चलकर और बड़ा रूप ले सकता है. यूरीनरी ट्रैक्ट इन्फ़ेक्शन (यूटीआई) जैसी दर्दनाक समस्या हो सकती है. यूटीआई के चलते न केवल मूत्राशय तक सूजन पहुंच जाती है, बल्कि पेशाब करने में भी दिक़्क़तों का सामना करना पड़ सकता है. यहां हम उन तीन कारणों पर चर्चा करने जा रहे हैं, जिसके चलते पुरुषों की तुलना में महिलाओं को सेक्स के बाद यूरीनरी ट्रैक्ट इन्फ़ेक्शन होने की संभावना अधिक होती है.

यूरेथ्रा (मूत्र मार्ग) में बैक्टीरियल इन्फ़ेक्शन
वेजाइना में गुड और बैड दोनों तरह के बैक्टीरिया होते हैं. सेक्स के दौरान इस बात की संभावना होती है कि बैड बैक्टीरिया मूत्रमार्ग में पहुंच जाएं और वहां से अंतत: ब्लैडर तक. इस तरह आपके पूरे यूरीनरी ट्रैक्ट में इन्फ़ेक्शन पहुंच सकता है. वर्ष 2013 में सउदी अरेबिया के किंग फ़हाद मेडिकल सिटी में कराई गई एक स्टडी में यह बात सामने आई कि महिलाओं को होनेवाले बैक्टीरियल इन्फ़ेक्शन्स का एक चौथाई यानी 25% यूटीआई इन्फ़ेक्शन हो. यह भी देखा गया कि 50-60 फ़ीसदी महिलाएं अपने जीवन काल में कभी न कभी यूटीआई के बैक्टीरियल इन्फ़ेक्शन से पीड़ित रही हैं. इसीलिए महिलाओं को सलाह दी जाती है कि सेक्स के बाद अपने यौनांगों को अच्छे से धोकर साफ़ करें. बस इस छोटी-सी सावधानी से इन्फ़ेक्शन की संभावना को काफ़ी हद तक कम किया जा सकता है.

ओरल सेक्स और इन्फ़ेक्शन का ख़तरा
महिलाओं को सिर्फ़ वेजाइनल सेक्स से ही इन्फ़ेक्शन का ख़तरा नहीं होता. ओरल सेक्स भी इन्फ़ेक्शन के लिहाज से उतना ही ख़तरनाक साबित हो सकता है. सेक्स टॉएज़ के इस्तेमाल से यह ख़तरा और भी बढ़ जाता है. इससे इन्फ़ेक्शन पैदा करनेवाले बैक्टीरिया यूरीनरी ब्लैडर तक पहुंच सकते हैं. अगर आप ओर सेक्स करते भी हैं तो कॉन्डम का इस्तेमाल न करें. इससे किसी भी तरह के इन्फ़ेक्शन को कम करने में बेहद मदद मिलती है.

सेक्स के बाद पेशाब न करना
ऐसा माना जाता है सेक्स के बाद पेशाब करना चाहिए. इस मान्यता के पीछे वैज्ञानिक कारण भी हैं. सेक्स के बाद जेनाइटल को धोना इसी का हिस्सा है. दरअसल जब आप सेक्स के बाद पेशाब करते हैं तो किसी भी तरह के बैक्टीरिया को आपके सिस्टम से बाहर निकालने में आसानी होती है. शरीर की इसी नैचुरल प्रक्रिया का इस्तेमाल करके आप यूटीआई से प्रभावी ढंग से बचे रह सकते हैं. अगर पेशाब न लगे तो भी सेक्स के बाद ठंडे पानी से जेनाइट्लस को धोना हाईजीन के हिसाब से एक अच्छी आदत है.
तो इन तीनों बातों का सार यह है कि किसी भी तरह के दर्दनाक और असहज कर देनेवाले इन्फ़ेक्शन से बचा जा सकता है, बशर्ते सेक्स के बाद छोटी-छोटी सावधानियां रखी जाएं.

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