प्रशासन की मदद से बच्चों को मिड-डे मील बांटेगा शिक्षा विभाग, कुकिंग कॉस्ट का पैसा भी मिलेगा
March 31st, 2020 | Post by :- | 168 Views

कोरोना के खौफ के चलते सरकार ने प्रदेश के सभी स्कूलों में छुट्टियां कर दी है। प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने निर्देश दिये थे कि कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए कक्षा पहली से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को घर जाकर मिड डे मील का राशन पहुंचाया जाए। दस दिन पहले जारी किये आदेशों पर अभी तक अमल नहीं हुआ है। शिक्षा उपनिदेशक इसकी व्यवस्था नहीं कर पाए। कफर्यू लग जाने के बाद शिक्षक बच्चों के अभिभावकों को स्कूल बुला ही नहीं पा रहे हैं। अब मिड डे मील राशन बांटने में विभाग जिला प्रशासन की मदद लेगा। प्रारंभिक शिक्षा विभाग के निदेशक रोहित जम्वाल ने मंगलवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। इसमें सभी जिलों के शिक्षा उपनिदेशकों को निर्देश दिये हैं कि वे उपायुक्तों के साथ मिलकर इसका प्लान तैयार करें। मिड-डे-मील के आवंटन के लिए प्रणाली तैयार करें। बच्चों को मिड डे मील के साथ कुकिंग कॉस्ट का पैसा भी दिया जाए।

डीसी होते हैं एमडीएम के चेयरमैन

मिड-डे मील के लिए हर जिला में मॉनिटरिंग कमेटी बनी होती है। जिलाधीश इस कमेटी के चेयरमैन होते हैं। शिक्षा उपनिदेशक इस कमेटी के समन्वयक होते हैं। इसलिए शिक्षा विभाग ने जिला प्रशासन को इसके लिए व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए हैं। हिमाचल में कक्षा पहली से पांचवीं तक 4.48 रुपये और छठी से आठवीं कक्षा तक 6.71 रुपये की दर से प्रति बच्चे को प्रतिदिन के हिसाब से कुकिंग काॅस्ट का भुगतान किया जाएगा।

मिड-डे मील देना अनिवार्य

प्रारंभिक शिक्षा निदेशक रोहित जम्वाल ने बताया कि केंद्र सरकार के मानव विकास संसाधन मंत्रालय ने मिड-डे मील नियम 2015 के नियम-9 के तहत यह फैसला लिया है। नियम के मुताबिक सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को मिड-डे मील देना अनिवार्य है। यह बच्चों का अधिकार भी है। ऐसे में केंद्र सरकार के निर्देशानुसार प्रदेश सरकार ने भी बंद हुए स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को उनके कोटे का राशन देने का फैसला लिया है।

पहले दिये थे ये आदेश

प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने बीते सप्ताह सभी जिला उपनिदेशकों को जारी किए पत्र में कहा था कि अभिभावकों को राशन का कोटा लेने के लिए इस प्रकार बुलाया जाए कि स्कूलों में भीड़ एकत्र न हो। पहली से पांचवीं कक्षा तक के बच्चों को प्रति दिन सौ ग्राम चावल और छठी से आठवीं कक्षा के बच्चों को प्रतिदिन 150 ग्राम चावल के हिसाब से 31 मार्च तक का राशन कोटा मुहैया करवाने के निर्देश दिये थे।

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