डेढ़ वर्ष में ही कंदरौर पुल पर सड़क उखड़ी #news4
January 14th, 2022 | Post by :- | 60 Views

बिलासपुर : एशिया में सबसे ऊंचा पुल होने का तगमा हासिल कर अपनी पहचान बनाने वाले कंदरौर पुल की हालत फिर लोगों के लिए सिरदर्द बन गई है। लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद कंदरौर पुल पर एक बार फिर से गड्ढों की भरमार हो गई है। पुल की हालत को देखते हुए यहीं अंदाजा लगाया जा सकता है कि करीब डेढ़ वर्ष मे ही 16 लाख रुपये स्वाह हो गए हैं। हालात देखते हुए विभाग की कार्यप्रणाली भी शक के घेरे में है।

सदर विधानसभा क्षेत्र के विधायक ने राष्ट्रीय राजमार्ग शिमला-मटौर मार्ग पर स्थित कंदरौर पर पुल की हालत को सुधारने का प्रयास करते हुए बजट का प्रविधान करवाया था।

राष्ट्रीय राजमार्ग शिमला-मटौर पर स्थित कंदरौर पुल पर पड़े गड्ढों की हालत को सुधारने के लिए 16 लाख रुपये बजट का प्रविधान सदर विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुभाष ठाकुर ने किया था। इसके बाद नेशनल हाईवे अथारिटी आफ इंडिया एनएचएआइ ने इसके टेंडर करवाते हुए इस पर मास्टिक एसफाल्ट बिछाने का काम किया था क्योंकि इससे जहां वाहनों में झटके कम लगते हैं, वहीं यह अधिक देर तक भी टिकता है। हैरानी की बात है कि यह मास्टिक एसफाल्ट डेढ़ साल तक भी नहीं टिक पाया है। वहीं स्थानीय लोगों ने गुणवत्ता पर सवाल उठाना शुरू कर दिए हैं।

एनएचएआइ ने ठेकेदार के माध्यम से कंदरौर पुल पर मास्टिक एसफाल्ट का कार्य अक्टूबर 2020 में करवाया था। इस पर करीब 16 लाख रुपये खर्च किए गए थे। तत्कालीन इंजीनियरों ने इसका दौरा कर इसे बेहतर बताया था। इसके बाद विभाग ने भी इसे हरी झंडी दिखाई थी, लेकिन अब यह उखड़ना शुरू हो गई है। वहीं अधिकारियों की मानें तो मास्टिक एसफाल्ट के उखड़ने का मुख्य कारण पुल पर बने सस्पेंशन पर ज्वाइंट और कंकरीट का डेक कमजोर हो गया है, जिससे यह निकल गया है।

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मामला ध्यान में है तथा इस बावत संबंधित ठेकेदार को नोटिस भेजकर इसे दुरुस्त करने के आदेश दे दिए हैं। जैसे ही मौसम में ठीक होगा तो इसे दुरुस्त कर दिया जाएगा।

-विक्रम मीणा, अधिशाषी अभियंता, एनएचएआइ।

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