Women’s Day 2020: किडनी लगभग फेल, 6 साल बेड पर और फिर उसने देश के लिए जीते 78 मेडल
March 7th, 2020 | Post by :- | 169 Views

28 साल की उम्र. गोद में 4 साल का बेटा. पति नौकरी के चलते बाहर. किडनी लगभग फेल. हड्डियां 70 फीसदी कमजोर. शरीर में अन्य परेशानियां. 6 साल तक बेड पर जिंदा लाश बनकर जीना और फिर अचानक एक सपना दिल में पैदा हुआ. देखते ही देखते देश के लिए 78 मेडल जीत लेना. सुनने में अकल्पनीय लग रही ये कहानी. लेकिन ये सच है. ये कहानी है बनारस की नीलू मिश्रा की. बीमारी की वजह से 6 साल तक बेड पर लेटने के बाद क्या आप कल्पना कर सकते हैं? कोई शख्स ट्रैक पर मेडल जीते. वो भी एक, दो नहीं बल्कि 78 मेडल.

जी हां, नीलू मिश्रा ने नामुमकिन कर दिखाया. बनारस की रहने वाली एथलीट नीलू मिश्रा अब तक भारत को करीब 25 से ज्यादा गोल्ड मेडल जीतकर दे चुकी हैं. साल 2001 में मिसकैरेज के चलते नीलू को लगातार ब्लीडिंग की समस्या पैदा हुई. गोद में चार साल का बेटा था. एक के बाद एक बीमारी, बेड पर लेटी नीलू को लगातार तोड़ रही थीं. लगातार दवाओं के चलते कुछ रिएक्शन होने के कारण किडनी फेल होने के कगार पर पहुंच गई. 70 फीसदी हड्डियों का दम निकल गया.

वजन भी बढ़कर 85 किलो तक पहुंच गया. लेकिन नीलू ने हिम्मत नहीं हारी. पहले धीरे-धीरे बीमारियों को हराया, फिर डाक्टर की सलाह पर वजन कम करने के लिए स्टेडियम जाकर टहलना शुरू किया.
टहलते-टहलते कब नीलू ने दौड़ना शुरू कर दिया, खुद नीलू को नहीं पता. जब एक बार नीलू ट्रैक पर दौड़ीं तो फिर पीछे पलटकर नहीं देखा.

पदकों की लंबी है फेहरिस्त
2009 में पहली बार फिनलैंड में मास्टर एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में कांस्य पदक जीता. 2010 में बैंकाक ओपन मास्टर एथलेटिक्स चैम्पियनशि‍प में गोल्ड. 2010 चेन्नई एशियन टूर्नामेंट में 3 गोल्ड. 2010 मलेशिया- मास्टर्स एथलेटिक्स में 4 गोल्ड और ब्रांज मेडल. 2011 मलेशिया में 4 गोल्ड एक सिल्वर मेडल. 2011 चंडीगढ़ में 3 गोल्ड और एक सिल्वर. 2012 बैंगलौर- एशियन ओपन चैम्पियनशिप में 1 गोल्ड ओर 2 गोल्ड. 2012 थाईलैंड में मास्टर एथलीट चैम्पियनशिप में 5 गोल्ड. यही नहीं इसी साल चीन में ओपन मास्टर एथलीट चैम्पियनशिप में 2 गोल्ड, फिर 2014 मलेशिया में मास्टर एथलीट चैम्पियनशिप में 2 गोल्ड 4 सिल्वर जीते. 2014 जापान में मास्टर एथलीट चैम्पियनशिप में 4 सिल्वर, 2016 सिंगापुर मास्टर एथलीट चैम्पियनशिप में 1 सिल्वर और एक ब्रांज. इसके अलावा 300 से ज्यादा मेडल उनके पास लोकल और स्टेट और जिला लेवल पर है.

ब्यूटी कांटेस्ट में भी दिखाया दम
मेहनत और लगन से आज उन्होंने वो मुकाम हासिल किया, जो सामान्य महिला के लिए सोचना भी एक पहाड़ तोड़ने जैसा लगता है. 23 जुलाई 2017 को बेंगलुरू के चेयरमैन क्लब में मास्टर्स एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित एशिया मास्टर्स एथलेटिक्स डे पर आयोजित ब्यूटी कांटेस्ट में ब्यूटी क्वीन का खिताब भी जीता. 44 साल की नीलू ने देश भर की 22 कंटेस्टेंट को पीछे छोड़ते हुए यह उपलब्धि हासिल की है. नीलू अब तक 50 से ज्यादा नेशनल और इंटरनेशनल मेडल जीत चुकीं है. ऑस्ट्रेलिया से आए वर्ल्ड मास्टर्स एथलेटिक्स फेडरेशन के अध्यक्ष स्टेन स्टर्न ने नीलू को ट्रॉफी देकर सम्मानित कि‍या.

मूलरूप से यूपी के बस्ती की रहने वाली नीलू की शादी 1995 में बनारस हुई. 1997 में बेटा हुआ. इस वक्त नीलू की उम्र 47 साल है. नीलू के पति मर्चेंट नेवी में हैं और उनके 22 साल का एक बेटा भी है. आज भी नीलू फिट हैं और देश के लिए कुछ और मेडल लाने के लिए रोज सुबह और शाम स्टेडियम मे पसीना बहाते नजर आती हैं. इस महिला दिवस पर नीलू जैसी महिलाओं की कहानी आधी आबादी को पूरा हौसला देने के लिए काफी है.

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