मार्शल आर्ट्स कलरीपायट्टु को लेकर प्रशिक्षित होंगे युवा, पालमपुर में 20 से दो दिवसीय प्रशिक्षण कैंप शुरू #news4
December 1st, 2021 | Post by :- | 172 Views

पालमपुर : मार्शल आर्ट्स कलरीपायट्टु को लेकर अब यहां के युवा प्रशिक्षित होंगे। प्रदेश में इस मार्शल आर्टस को लेकर यह पहला प्रयास भी किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण शिविर को लेकर मार्शल आर्ट्स कलरीपायट्टु एसोसिएशन आफ हिमाचल प्रदेश की बैठक पालमपुर में हुई। जिसमें हिमाचल प्रदेश कलरीपायट्टु के अध्यक्ष घनश्याम शर्मा और महासचिव सुभाष चंद सहित दूसरे सभी सदस्यों ने भाग लिया। बैठक में अध्य्क्ष घनश्याम शर्मा ने बताया कि 20 से 22 दिसंबर तक पालमपुर के डाढ़ में एक प्रशिक्षण कैंप का आयोजन किया जा रहा है।

जिसमें भारत के प्राचीनतम मार्शल आर्ट्स कलरीपायट्टु के माहिर कोच खिलाड़ियों को मार्शल आर्ट्स कलरीपायट्टु की बारीकियों के बारे में जानकारी देंगे। कलरीपायट्टु को दुनिया की सबसे पुरानी मार्शल आर्ट तकनीक माना जाता है । इस कला की उत्तपति दक्षिण भारत के केरल में हुई । यह विश्व की पुरानी युद्ध कलाओं में से एक है। कलरीपायट्टु एक ऐसी कला है जिसे सीखने में सालों लग जाते हैं यह कला व्यायाम और शारीरिक चुस्ती फुर्ती तक ही सीमित नहीं है। यह एक जीवन शैली है यह सीखने वाले व्यक्ति को योद्धा भी बनाती है।

हिमाचल प्रदेश में कलरीपायट्टु कैंप का पहली बार आयोजन किया जा रहा है। कैंप में राष्ट्रीय महासचिव सोमन जी पंथरुआ विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। इस कैंप के बाद 10 से 14 फरवरी को हरियाणा में होने वाली खेलों इंडिया यूथ गेम्स के लिये खिलाड़ियों का चयन भी किया जाएगा।

कार्यकारिणी का विस्तार

इस बैठक में प्रदेश कार्यकारिणी का विस्तार किया गया । इसमें राहुल पठानिया इंदौरा, अभिजीत जमवाल जवाली, अतुल शुक्ला पालमपुर, शेर सिंह,महाजन हमीरपुर, नवनीत डोगरा व गोकुल ठाकुर बैजनाथ, इंदर ठाकुर बिलासपुर, साहिल बेदी चंबा, अंकुर कटोच भवारना, हरीश सोलन को शामिल किया गया ।

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