अब कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर में होगी लंपी स्किन डिजीज सैंपल की जांच #news4
September 23rd, 2022 | Post by :- | 65 Views

पालमपुर : लंपी स्किन डिजीज सैंपल की जांच अब प्रदेश में ही हो सकेगी। कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर को लंपी स्किन डिजीज के सैंपल के परीक्षण के लिए अधिकृत किया गया है। इससे पहले प्रदेश में लंपी स्किन डिजीज सैंपल जांच की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। अब तक इस रोग के सैंपल की जांच के लिए राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान भोपाल सैंपल भेजे जाते थे जिसकी रिपोर्ट आने में समय लग जाता था।

जांच के लिए संवेदनशील आण्विक तकनीकों का होगा उपयोग
भारत सरकार के मत्स्य पालन पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के आधार पर कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के पशु चिकित्सा एवं पशु महाविद्यालय के अंतर्गत संचालित किए जा रहे पशु चिकित्सा सूक्ष्म जीव विज्ञान विभाग को हिमाचल प्रदेश में पशुधन में लंपी स्किन डिजीज सैंपल की त्वरित जांच के लिए परीक्षण करने हेतु अधिकृत प्रयोगशाला का दर्जा प्रदान किया गया है, ऐसे में अब पशु चिकित्सा सूक्ष्म जीव विज्ञान विभाग प्रदेश पशुपालन विभाग के सहयोग से लंपी स्किन डिजीज के सैंपल की जांच करेगा। पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय के अधिष्ठाता डाॅ. मनदीप शर्मा तथा पशु चिकित्सा सूक्ष्म जीव विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डाॅ. राजेश चहोता ने बताया कि लंपी स्किन डिजीज सैंपल जांच के लिए पारंपरिक पीसीआर तथा रियल टाइम पीसीआर जैसे संवेदनशील आण्विक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। जांच के परिणाम शीघ्र फील्ड में कार्यरत पशु चिकित्सकों को मिल सकेंगे, जिससे रोग नियंत्रण तथा रोकथाम में और तीव्रता आएगी।

बड़े स्तर पर पशु लंपी स्किन डिजीज की चपेट में 
प्रदेश में विगत कुछ समय से काफी पशु लंपी स्किन डिजीज की चपेट में है तथा प्रदेश सरकार ने इस रोग को महामारी घोषित किया है। अब तक हजारों पशु लंपी स्किन डिजीज की चपेट में आ चुके हैं तथा कई पशुओं की मौत भी इस रोग के कारण हुई है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के सोलन, सिरमौर, शिमला, ऊना, कांगड़ा, बिलासपुर, मंडी, हमीरपुर तथा चम्बा जिलों में अब तक 87645 पशुधन इस रोग की चपेट में आया है और लगभग 5019 पशुधन की मौत हुई है।

पशुपालकों को हर प्रकार से सहायता उपलब्ध करवाएंगे वैज्ञानिक 
कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एचके चौधरी ने बताया कि मत्स्य पालन पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय द्वारा पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय के अंतर्गत संचालित की जा रही पशु चिकित्सा सूक्ष्म जीव विज्ञान विभाग की प्रयोगशाला को लंपी स्किन डिजीज सैंपल की जांच के लिए अधिकृत किया गया है। यह प्रयोगशाला सैंपल की जांच के लिए पूरी तरह से सुसज्जित है। ऐसे में राज्य में इस प्रयोगशाला को अधिकृत किए जाने से लंपी स्किन डिजीज के त्वरित प्रबंधन में सहायता मिलेगी। वैज्ञानिक राज्य के पशुपालकों को लंपी स्किन डिजीज से उत्पन्न स्थिति से निपटने में हर प्रकार से सहायता उपलब्ध करवाएंगे।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे news4himachal@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।